हरदा में वन्यजीव शिकार का मामला, खेत में मिला काले हिरण का शव

हरदा मध्य प्रदेश के हरदा जिले के हंडिया वन परिक्षेत्र में बंदूक से गोली मारकर काले हिरण के शिकार का मामला सामने आया है। सोमवार रात खेतों में सिंचाई कर रहे किसानों ने गोली चलने की आवाज सुनी। टॉर्च लेकर मौके पर पहुंचे तो वहां खून से लथपथ मादा हिरण मृत मिली। किसानों को देख शिकारी भाग निकले। मंगलवार को वन परिक्षेत्र अधिकारी की मौजूदगी में हिरण का पोस्टमार्टम कराया गया। न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, फसल कटने के बाद खेत खाली हैं और रात में विचरण करने वाले

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Published On :

नवम्बर 4, 2026

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हरदा
मध्य प्रदेश के हरदा जिले के हंडिया वन परिक्षेत्र में बंदूक से गोली मारकर काले हिरण के शिकार का मामला सामने आया है। सोमवार रात खेतों में सिंचाई कर रहे किसानों ने गोली चलने की आवाज सुनी।

टॉर्च लेकर मौके पर पहुंचे तो वहां खून से लथपथ मादा हिरण मृत मिली। किसानों को देख शिकारी भाग निकले। मंगलवार को वन परिक्षेत्र अधिकारी की मौजूदगी में हिरण का पोस्टमार्टम कराया गया।

न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों के अनुसार, फसल कटने के बाद खेत खाली हैं और रात में विचरण करने वाले काले हिरण तथा अन्य वन्यजीव शिकारियों के आसान निशाने पर हैं।

वन परिक्षेत्र अधिकारी सीएस भिलाला ने बताया कि शिकार रोकने के लिए अभियान चलाया जाएगा। कर्मचारियों को सतर्कता और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। आरोपितों की तलाश जारी है।

रेंजर छगनसिंह भिलाला ने बताया कि सोमवार रात करीब 10 बजे ग्रामीणों ने गोली चलने की आवाज सुनकर सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों को हिरण मृत मिला। आरोपियों की तलाश की गई, लेकिन कोई नहीं मिला।

हिरण के शव को रेंज ऑफिस लाया गया। कोर्ट की अनुमति के बाद पोस्टमॉर्टम किया गया। जांच में पता चला कि गोली हिरण के पेट से आर-पार निकली थी।

वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 2, 9, 39, 50 और 52 के तहत केस दर्ज किया है। डीएफओ ने बताया कि कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद हिरण का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

वन विभाग इस मामले को दूसरे राज्यों में वन्यजीवों के अंगों की सप्लाई करने वाले गिरोह से जोड़कर देख रहा है। काला हिरण वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है। इस अनुसूची में शामिल वन्यजीवों के शिकार या व्यापार पर कड़ी सजा का प्रावधान है।

 

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