शिक्षक की क्रूरता का मामला: 7वीं के छात्र को 200 बार उठक-बैठक की सजा, स्वास्थ्य गंभीर

पश्चिम चंपारण बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है, जहां एक शिक्षक ने होमवर्क न पूरा करने की सजा के रूप में 7वीं कक्षा के एक छात्र से 200 बार उठक-बैठक लगवाई, जिसके कारण छात्र की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। पीड़ित को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसका इलाज चल रहा है। सजा के दौरान ही बेहोश हुआ छात्र दरअसल, मामला पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-2 प्रखंड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय से जुड़ा है। सहपाठी छात्रों के अनुसार, पीड़ित छात्र ने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था।

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Published On :

फ़रवरी 22, 2026

पश्चिम चंपारण

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है, जहां एक शिक्षक ने होमवर्क न पूरा करने की सजा के रूप में 7वीं कक्षा के एक छात्र से 200 बार उठक-बैठक लगवाई, जिसके कारण छात्र की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। पीड़ित को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, जहां उसका इलाज चल रहा है।

सजा के दौरान ही बेहोश हुआ छात्र
दरअसल, मामला पश्चिम चंपारण जिले के बगहा-2 प्रखंड स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय से जुड़ा है। सहपाठी छात्रों के अनुसार, पीड़ित छात्र ने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था। इससे नाराज शिक्षक ने उसे दंड देते हुए 200 बार उठक-बैठक करने का निर्देश दिया। शारीरिक रूप से इतनी अधिक मेहनत के कारण छात्र उठक-बैठक करते हुए ही बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन ने उसे पहले स्थानीय स्तर पर दिखाया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे सेमरा रेफरल अस्पताल भेजा गया। वहां से भी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे अनुमंडलीय अस्पताल, बगहा रेफर कर दिया गया।

क्या कहते हैं चिकित्सक?
अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विजय कुमार ने बताया कि अधिक शारीरिक परिश्रम और दबाव के कारण छात्र के जांघों और मांसपेशियों में गंभीर जकड़न आ गई है। उन्होंने बताया कि मांसपेशियों में अत्यधिक खिंचाव के कारण ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित हुआ है, जिससे बच्चा फिलहाल अपने पैरों पर खड़ा होने में असमर्थ है। हालांकि, खतरे की कोई बात नहीं है और उचित उपचार से वह एक-दो दिनों में सामान्य हो जाएगा।

परिजनों का फूटा गुस्सा
इस घटना से छात्र के अभिभावक बेहद आक्रोशित हैं। परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही और शिक्षक द्वारा बच्चों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय शिकायत करने और संबंधित शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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