Vidhi Meghani Murder : विदेशी धरती पर भारतीय नागरिकों, विशेषकर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कनाडा से बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां गुजरात की रहने वाली एक 22 वर्षीय भारतीय छात्रा की चाकू घोंपकर निर्मम हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान विधि कल्पेशभाई मेघानी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गुजरात के आणंद जिले के बोरसद तालुका की निवासी थीं। विधि कनाडा के नियाग्रा क्षेत्र में रहकर अपने सुनहरे भविष्य के सपने बुन रही थीं, लेकिन एक अज्ञात हमलावर ने उनकी जिंदगी का अंत कर दिया। इस जघन्य हत्याकांड के बाद स्थानीय नियाग्रा पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है, हालांकि हमलावर की पहचान अभी उजागर नहीं हो सकी है।
उज्ज्वल भविष्य और पीआर की तैयारी में जुटी थी विधि
जानकारी के अनुसार, 22 साल की विधि मेघानी कनाडा में अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद वहां स्थायी निवास यानी पीआर (Permanent Residency) हासिल करने की तैयारी में जुटी हुई थीं। कनाडा के महंगे रहन-सहन और पढ़ाई के खर्च को वहन करने के लिए वह अपनी पढ़ाई के साथ-साथ एक स्थानीय संस्थान में पार्ट-टाइम नौकरी भी करती थीं। वह एक बेहद होनहार और मिलनसार लड़की थीं। जैसे ही गुजरात के आणंद में रहने वाले विधि के माता-पिता और परिजनों को कनाडा से उनकी मौत की खबर मिली, पूरे परिवार और गांव में चीख-पुकार मच गई। लाडली बेटी की मौत की खबर सुनकर माता-पिता गहरे सदमे में हैं और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। परिजन अब भारत सरकार से विधि के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द वतन लाने की गुहार लगा रहे हैं।
अमेरिकी बॉर्डर के नजदीक घर से निकलते ही हुआ हमला
इस खौफनाक वारदात के संदर्भ में मिली शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विधि मेघानी पिछले लगभग चार सालों से कनाडा के नियाग्रा इलाके में रह रही थीं। यह इलाका अमेरिका और कनाडा की सीमा (यूएस बॉर्डर) के बेहद नजदीक स्थित है। घटनाक्रम के अनुसार, 15 मई को विधि हमेशा की तरह अपने किसी जरूरी काम से या नौकरी के लिए घर से बाहर निकली थीं। घर से कुछ ही दूरी पर अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ कई वार किए। खून से लथपथ विधि को तुरंत पास के एक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनका काफी खून बह चुका था और बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद ही विधि को मृत घोषित कर दिया। कनाडाई सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं।
विदेशों में लगातार असुरक्षित हो रहे हैं भारतीय छात्र
कनाडा के भीतर भारतीय प्रवासियों और विशेषकर छात्र-छात्राओं पर जानलेवा हमलों का यह कोई पहला या इकलौता मामला नहीं है। पिछले कुछ समय से कनाडा के अलग-अलग शहरों में भारतीयों को निशाना बनाने की घटनाओं में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी हुई है, जिससे वहां रह रहे भारतीय समुदाय में भारी डर का माहौल है। इससे पहले टोरंटो शहर में 30 वर्षीय भारतीय मूल की महिला हिमांशी खुराना का शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ था, जिसने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी। भारतीय नागरिकों के खिलाफ हिंसा का यह सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है और कनाडाई सरकार द्वारा कड़े कदम न उठाए जाने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं।
ओंटारियो में भी हुई थी पंजाबी छात्रा की गोली मारकर हत्या
कनाडा में भारतीय छात्रों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के गवाह पिछले आंकड़े भी रहे हैं। अप्रैल 2025 में ही कनाडा के ओंटारियो प्रांत में पंजाब की रहने वाली 21 वर्षीय छात्रा हरसिमरक रंधावा की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में कनाडाई पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक 32 वर्षीय संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार तो कर लिया था, लेकिन इन गिरफ्तारियों के बावजूद जमीनी स्तर पर भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है। आए दिन हो रही इन हिंसक वारदातों ने कनाडा में पढ़ रहे हजारों भारतीय छात्रों के अभिभावकों की चिंता को चरम पर पहुंचा दिया है। भारत के विदेश मंत्रालय से भी इस दिशा में कनाडाई अधिकारियों पर कूटनीतिक दबाव बनाने की मांग तेज हो गई है।
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