बिजली का ज्यादा बिल आया तो करें कॉल! पंजाब सरकार ने जारी किए 2 हेल्पलाइन नंबर, 63 हजार बिल होंगे दोबारा जारी

मोहाली  पंजाब में गलत या ज्यादा बिजली बिल आने से परेशान उपभोक्ताओं की शिकायतों का अब जल्द समाधान होगा। सरकार ने बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के लिए दो स्पेशल हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराने के बाद 15 दिनों के भीतर उसका निपटारा किया जायेगा।  सरकार का मकसद लोगों की बिजली से जुड़ी समस्याओं को दूर करना और उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है। बिजली संबंधी शिकायत के लिए उपभोक्ता 1613105055 या 1616650355 पर कॉल कर सकते हैं। हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 कर्मचारियों की टीम तैनात की गई

Wrriten By :

Editor

Published On :

अगस्त 27, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

मोहाली 
पंजाब में गलत या ज्यादा बिजली बिल आने से परेशान उपभोक्ताओं की शिकायतों का अब जल्द समाधान होगा। सरकार ने बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं के लिए दो स्पेशल हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं। इन नंबरों पर शिकायत दर्ज कराने के बाद 15 दिनों के भीतर उसका निपटारा किया जायेगा। 

सरकार का मकसद लोगों की बिजली से जुड़ी समस्याओं को दूर करना और उन्हें सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराना है। बिजली संबंधी शिकायत के लिए उपभोक्ता 1613105055 या 1616650355 पर कॉल कर सकते हैं।

हेल्पलाइन के संचालन के लिए 20 कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है। कर्मचारी उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज करेंगे और उनके समाधान की प्रक्रिया पर काम करेंगे। इसके अलावा उपभोक्ता PSPCL कंज्यूमर सर्विसेज ऐप के जरिए भी बिजली से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

63 हजार से अधिक दोबारा बिल आएंगे
पंजाब सरकार के मुताबिक, अधिक बिल आने और 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सब्सिडी का लाभ नहीं मिलने वाले 63,702 उपभोक्ताओं की पहचान की गई है। बिजली मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने बताया कि मीटर रीडर्स की हड़ताल के दौरान इन उपभोक्ताओं को औसत खपत के आधार पर बिल जारी किए गए थे। इसके चलते मई और जून की 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सब्सिडी बिल में शामिल नहीं हो सकी।

अब इन सभी उपभोक्ताओं के बिल दोबारा तैयार किए जाएंगे। सरकार अगले तीन कार्यदिवस में संशोधित बिल जारी कर मई-जून की सब्सिडी का लाभ देगी। जिन उपभोक्ताओं ने अपना बिल पहले ही जमा कर दिया है, उनकी अतिरिक्त राशि अगले बिल में समायोजित की जाएगी। अधिक बिल से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए सरकार की ओर से विशेष हेल्पलाइन भी शुरू की गई है। इसके संचालन के लिए 20 कर्मचारियों की टीम तैनात की गई है।

पहले इस फॉर्मूले पर भेजे गए थे बिल
पिछले साल की औसत खपत के आधार पर तीन महीने का बिजली बिल तैयार किया गया। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी उपभोक्ता ने मई में 250 यूनिट बिजली खर्च की, तो यह 300 यूनिट की मुफ्त बिजली सीमा से कम है। ऐसे में उसे कोई बिल नहीं आना चाहिए था। जून में भी खपत 250 यूनिट रही, इसलिए इस महीने भी उपभोक्ता को सब्सिडी का लाभ मिलना चाहिए था।

जुलाई में गर्मी के कारण खपत बढ़कर 450 यूनिट हो गई। इस तरह तीनों महीनों की कुल खपत 950 यूनिट रही। ऐसी स्थिति में मई और जून की 300-300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ मिलना चाहिए था और जुलाई का बिल उसकी वास्तविक खपत के आधार पर बनना चाहिए था। हालांकि, तीनों महीनों की कुल खपत को जोड़कर उसे तीन से विभाजित किया गया और औसत खपत के आधार पर बिल तैयार किया गया।

2