Calcutta High Court: शब-ए-बारात पर अवैध पटाखों पर सख्त हुई कलकत्ता हाईकोर्ट, पुलिस को सुरक्षा के निर्देश

शब-ए-बारात के मौके पर पश्चिम बंगाल में अवैध पटाखों के इस्तेमाल को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अख्तियार किया है। कोर्ट ने न केवल अवैध पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने को कहा है, बल्कि पुलिस को निर्देश दिया है कि रिहायशी इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हों। क्या पुलिस कोर्ट के इन आदेशों का पालन करा पाएगी?

Calcutta High Court

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 2, 2026

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Calcutta High Court: देशभर में कल, यानी 3 फरवरी को शब-ए-बारात का पवित्र त्योहार मनाया जाएगा। इस अवसर पर शांति और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने त्योहार के दौरान अवैध और प्रदूषण फैलाने वाले खतरनाक पटाखों के इस्तेमाल पर कड़ाई से रोक लगा दी है। कोर्ट का यह निर्देश विशेष रूप से उन पटाखों के खिलाफ है जो निर्धारित ध्वनि मानकों का उल्लंघन करते हैं या पर्यावरण के लिए जहरीले साबित होते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया है कि धार्मिक उल्लास के नाम पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पुलिस को मिली बड़ी जिम्मेदारी

मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PCB) और पश्चिम बंगाल पुलिस को सख्त हिदायत दी है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि कानूनन प्रतिबंधित किसी भी पटाखे को बाजार में बिकने या त्योहार के दौरान फोड़ने की अनुमति न दी जाए। प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि केवल हरित पटाखों (Green Crackers) का ही सीमित उपयोग हो, ताकि वायु गुणवत्ता और आम लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

रात 10 बजे के बाद पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध

कलकत्ता हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए समयसीमा भी निर्धारित कर दी है। अदालत के आदेशानुसार, रात 10 बजे से लेकर अगली सुबह 6 बजे तक किसी भी प्रकार के पटाखे फोड़ना पूरी तरह से वर्जित रहेगा। यह ‘साइलेंस जोन’ नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए किया गया है ताकि बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों और बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि वे संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाएं और समय सीमा का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करें।

याचिकाकर्ता की सुरक्षा और मानसिक परेशानी पर कोर्ट का संज्ञान

यह मामला एक याचिका के माध्यम से कोर्ट पहुँचा था, जिसमें याचिकाकर्ता ने शब-ए-बारात के दौरान बेतहाशा पटाखे फोड़े जाने से होने वाली शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का उल्लेख किया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि अवैध पटाखों का शोर और धुआं उनके परिवार की सेहत के लिए खतरा पैदा करता है। कोर्ट ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को आदेश दिया कि त्योहार के दौरान याचिकाकर्ता और उनके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार के प्रतिशोध या परेशानी का सामना न करना पड़े।

अप्रैल में पेश करनी होगी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट

कोर्ट ने इस मामले को केवल निर्देशों तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि प्रशासन की जवाबदेही भी तय की है। हाईकोर्ट ने पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश दिया है कि शब-ए-बारात के दौरान नियमों के पालन और की गई कार्रवाई पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। इस रिपोर्ट को अप्रैल महीने में होने वाली अगली सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष पेश करना होगा। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि भविष्य में भी त्योहारों के दौरान नियमों का पालन कड़ाई से हो सके।

पश्चिम बंगाल सरकार का अवकाश और सार्वजनिक अपील

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने शब-ए-बारात के महत्व को देखते हुए 3 फरवरी (बुधवार) को राज्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी जोड़ा कि लोगों को त्योहार मनाते समय दूसरों के अधिकारों और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहना चाहिए। अवैध पटाखों का उपयोग न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह सामाजिक स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है। प्रशासन अब कोर्ट के इन दिशा-निर्देशों को जमीन पर उतारने की तैयारी में जुट गया है।

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