मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 को कैबिनेट की मंजूरी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में कैबिनेट बैठक हुई। वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकार वार्ता में बताया कि बैठक में कुल 31 प्रस्ताव आए, जिसमें से 30 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने स्वीकृति दी। योगी सरकार ने ग्रामीणों के हित को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को स्वीकृति दी। इस योजना के माध्यम से अब उत्तर प्रदेश के हर गांव तक बस पहुंचेगी। पत्रकार वार्ता में मौजूद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने

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Published On :

मार्च 10, 2026

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लखनऊ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोकभवन में कैबिनेट बैठक हुई। वित्त व संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकार वार्ता में बताया कि बैठक में कुल 31 प्रस्ताव आए, जिसमें से 30 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने स्वीकृति दी। योगी सरकार ने ग्रामीणों के हित को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026’ को स्वीकृति दी। इस योजना के माध्यम से अब उत्तर प्रदेश के हर गांव तक बस पहुंचेगी।

पत्रकार वार्ता में मौजूद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना-2026 के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी तक 12,200 गांवों तक बसें नहीं पहुंच रही थीं, लेकिन नई पॉलिसी के तहत उत्तर प्रदेश की सभी 59,163 ग्राम सभाओं तक बसें पहुंचेंगी। इन बसों को परमिट व टैक्स से मुक्त रखा गया है। इससे प्रदेश की बड़ी ग्रामीण आबादी लाभान्वित होगी। ये बसें चलाने की अनुमति निजी लोगों को मिलेगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी, जिसमें सीडीओ, एसपी, एआरटीओ, एआरएम सदस्य होंगे। ये बसें रात में गांव में ही रुकेंगी। सुबह ब्लॉक व तहसील होते हुए ये बसें सुबह 10 बजे तक जनपद मुख्यालय तक पहुंचेंगी। इस सेवा का लाभ विद्यार्थियों के अलावा कचहरी, ऑफिस या अपना उत्पाद शहर में बेचने जाने वाले लोगों को भी मिलेगा। कई गांवों में ऐसी सड़कें हैं, जहां बड़ी बसें टर्न होने में परेशानी होती है। 12,200 में से 5000 ऐसे गांव हैं, जहां बड़ी बसें टर्न नहीं हो सकतीं। इसलिए ये छोटी बसें होंगी, जिनकी अधिकतम लंबाई सात मीटर और अधिकतम सीट क्षमता 28 होगी।

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परिवहन मंत्री ने बताया कि सुबह 10 से शाम चार बजे तक इन बसों को डायवर्ट करेंगे। इसके बाद ये बसें दूरी के हिसाब से अधिकतम शाम 8 बजे तक गांव में पहुंच जाएंगी। इन बसों के ड्राइवर, कंडक्टर व क्लीनर आसपास गांव के लोग ही होंगे, जिससे रात में गांव में रुकने और सुबह आने में उन्हें परेशानी नहीं होगी। इन बसों की औसत आयु 15 वर्ष रहेगी, लेकिन पहले 10 साल के लिए ही इन्हें परिचालन की इजाजत दी जाएगी। 

परिवहन मंत्री ने बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी स्थानीय स्तर पर किराया निर्धारण करेगी। इसका टिकट भी सस्ता रहेगा। इन्हें परमिट व टैक्स की आवश्यक्ता नहीं होगी। इससे बस चलाने वालों को लाभ होगा। सरकार का उद्देश्य आमजन को बेहतर सुविधा मुहैया कराना है। इस योजना के तहत प्रत्येक आवेदक (जिस ब्लॉक के लिए उसने आवेदन किया है) को समस्त ग्राम पंचायत/रूट पर अपने विवेकानुसार वाहन संचालन करने तथा फेरों की संख्या का अधिकार होगा। बस संचालक ब्लॉक की प्रत्येक ग्राम पंचायत को प्रतिदिन कम से कम दो बार वाहन की सेवा प्रदान करेगा। 
इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवेदन की स्क्रीनिंग 15 दिन में हो जाएगी। आवेदक के सफल चयन के बाद वाहन उपलब्ध कराने के लिए 15 दिन होंगे तथा निर्धारित प्रक्रिया को 45 दिनों में पूर्ण कर लिया जाएगा। प्राप्त आवेदनों का परीक्षण एवं सफल आवेदन का चयन जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया जायेगा। उक्त कमेटी द्वारा सेवा प्रदाताओं का चयन करते हुए मार्ग निर्धारण को अंतिम रूप दिया जाएगा। उक्त योजना के क्रियान्वयन एवं निगरानी का दायित्व सम्बन्धित क्षेत्रीय प्रबन्धकों का होगा, जो नियमित रूप से (न्यूनतम मासिक) आयुक्त को कार्य प्रगति से अवगत कराएंगे।

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