CA Exam Topper: राजस्थान की राजकुमारी ने कर दिखाया कमाल, सबसे कम उम्र में CA एग्जाम किया क्रैक

राजस्थान की राजकुमारी ने सबसे कम उम्र में CA एग्जाम क्रैक कर इतिहास रचा। युवा प्रतिभा ने अपने प्रयास और मेहनत से देश भर में ध्यान आकर्षित किया। यह उपलब्धि न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत के युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत बनी है।

राजस्थान की राजकुमारी ने कर दिखाया कमाल

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

मार्च 6, 2026

CA Exam Topper: राजस्थान के झुंझुनूं जिले की मेधावी छात्रा राजकुमारी पारीक ने देशभर में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उन्होंने मात्र 19 वर्ष और 126 दिन की आयु में चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) फाइनल परीक्षा पास कर नया रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले यह उपलब्धि मध्य प्रदेश की नंदिनी अग्रवाल के नाम थी, जिन्होंने लगभग 19 वर्ष और 330 दिन की उम्र में परीक्षा उत्तीर्ण की थी। राजकुमारी ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए सबसे कम उम्र की महिला चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का गौरव हासिल किया।

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शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि

राजकुमारी का जन्म झुंझुनूं के श्यामनगर, गुढ़ा रोड में हुआ। उनके पिता हेमंत कुमार पारीक अरुणाचल प्रदेश में मोटर पार्ट्स का व्यापार करते हैं, जबकि माता सावित्री देवी गृहिणी हैं। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने झुंझुनूं में ही पूरी की और आगे की पढ़ाई सेठ मोतीलाल पीजी कॉलेज से की। खास बात यह रही कि उन्होंने अपनी अधिकांश पढ़ाई और प्रशिक्षण अपने गृह जिले में रहकर ही पूरी की।

कठिन परीक्षा में सफलता

चार्टर्ड अकाउंटेंसी की परीक्षा को भारत की सबसे कठिन पेशेवर परीक्षाओं में गिना जाता है। यह परीक्षा ICAI (इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया) द्वारा आयोजित की जाती है। इसमें तीन चरण होते हैं – फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल। राजकुमारी ने सभी चरणों को अनुशासन और मेहनत के साथ पार किया।

  • CPT और इंटरमीडिएट की पढ़ाई उन्होंने स्थानीय स्तर पर पूरी की।
  • आर्टिकलशिप उन्होंने झुंझुनूं की प्रसिद्ध फर्म G N A & Co. से की।
  • इसके बाद उन्होंने फाइनल परीक्षा पास कर यह साबित कर दिया कि छोटे शहर के छात्र भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुकाम हासिल कर सकते हैं।

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प्रेरणादायक उपलब्धि

राजकुमारी की सफलता यह दर्शाती है कि उम्र और स्थान कभी भी प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बनते। उन्होंने यह दिखा दिया कि यदि मेहनत, लगन और आत्मविश्वास साथ हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। उनकी उपलब्धि न केवल झुंझुनूं जिले के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।