सर्राफा बाजार में आग! इंदौर में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी छलांग

इंदौर   घरेलू बुलियन बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, भारतीय तो रुपए में लगातार कमजोरी और आयात ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी के चलते सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। इंदौर बाजार में सोने की कीमतों में करीब 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी ने लगभग 6.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। बाजार में आरटीजीएस पर सोना 8000 रुपए महंगा होकर 1,59,000 ने रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी 9000 रुपए उछलकर न 2,78,000 रुपए प्रति किलो रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर सोना 4701.20 डॉलर प्रति

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Published On :

मई 14, 2026

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इंदौर 

 घरेलू बुलियन बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, भारतीय तो रुपए में लगातार कमजोरी और आयात ड्यूटी में भारी बढ़ोतरी के चलते सोने-चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। इंदौर बाजार में सोने की कीमतों में करीब 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जबकि चांदी ने लगभग 6.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बेहतर प्रदर्शन किया।

बाजार में आरटीजीएस पर सोना 8000 रुपए महंगा होकर 1,59,000 ने रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी 9000 रुपए उछलकर न 2,78,000 रुपए प्रति किलो रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स पर सोना 4701.20 डॉलर प्रति औंस और चांदी 87.04 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई।

उतार-चढ़ाव रहने की संभावना
विशेषज्ञों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जाना, अमरीका-ईरान संघर्ष को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और वैश्विक मुद्रास्फीति (महंगाई) की चिंताओं ने कीमती धातुओं में सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की मांग बढ़ा दी है। बाजार के कारोबारी हाल ही में आयात शुल्क में किए गए बदलावों असर का भी आकलन कर रहे है, जिससे सोने की कीमतों को और समर्थन मिल सकता है।

 टैक्स बढ़ने से तस्करी को मिल सकता बढ़ावा
वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितताओं के कारण आने वाले कारोबारी सत्रों में बुलियन बाजार में उतार-चढ़ाव (वोलाटिलिटी) अधिक रहने की संभावना जताई जा रही है। केंद्र सरकार ने सोना और चांदी के आयात पर लगने वाली ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है।

सरकार का उद्देश्य विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ रहे दबाव को घटाना बताया जा रहा है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सरकार के इस फैसले को अहम माना जा रहा है। हालांकि, सराफा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि टैक्स बढ़ने से तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है। उनका इस संबंध में तर्क है कि पहले जब आयात शुल्क कम किया गया था, तब सोने की स्मगलिंग में कमी आई थी।

भारतीय ज्वैलरी के निर्यात को बढ़ावा देने की मांग
मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश शास्त्री ने कहा कि आयात ड्यूटी बढ़ोतरी से सोने की तस्करी को ड्यूटी में भारी बढ़ावा मिल सकता है। 15 प्रतिशत आयात शुल्क और 3 प्रतिशत जीएसटी मिलाकर सोने पर कुल 18 प्रतिशत का सरकार ने सोने की खरीद कम अतिरिक्त भार पड़ रहा है। करने की अपील भी की है। सरकार को भारतीय कारीगरों और ज्वैलरी उद्योग को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि बेहतर ज्वैलरी का निर्यात बढ़ सके।

 

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