Bulldozer Action in TCS Case: महाराष्ट्र के बहुचर्चित नासिक टीसीएस धर्मांतरण मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बुधवार को छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) में भारी पुलिस सुरक्षा के बीच AIMIM पार्षद मतीन पटेल के आवास और कार्यालय के अवैध हिस्सों पर बुलडोजर चलाया गया। स्थानीय मंत्री संजय शिरसाट द्वारा किए गए ऐलान के बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।
TCS विवाद के बाद प्रशासन सख्त, AIMIM नेता मतीन पटेल की संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई
मतीन पटेल पर क्या हैं आरोप?
प्रशासनिक अधिकारियों और जांच एजेंसियों के अनुसार, पार्षद मतीन पटेल पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को गिरफ्तारी से बचाने के लिए अपने नारेगाव स्थित बंगले में छिपाया था। पुलिस ने 7 मई को मतीन पटेल के इसी इलाके से निदा खान को गिरफ्तार किया था।
नगर निगम ने 9 मई को ही मतीन पटेल को उनके अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया था। पार्षद ने इस कार्रवाई को रोकने के लिए अदालत का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन वहां से कोई राहत नहीं मिलने के बाद प्रशासन ने बुधवार सुबह अवैध दुकानों और कार्यालय के हिस्सों को जमींदोज कर दिया।
विपक्षी खेमे में आक्रोश
बुलडोजर की इस कार्रवाई के बाद AIMIM के नेताओं ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। पूर्व सांसद और AIMIM नेता इम्तियाज जलील ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि “यह बुलडोजर नहीं, बल्कि न्याय का जनाजा निकाला गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून का पालन करने के बजाय चयनात्मक तरीके से विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।
नितेश राणे के तीखे तेवर और ओवैसी पर हमला
निदा खान की गिरफ्तारी और धर्मांतरण मामले के सामने आने के बाद से ही भाजपा और AIMIM के बीच जुबानी जंग जारी है। भाजपा विधायक नितेश राणे ने इस मामले को लेकर असदुद्दीन ओवैसी पर कड़ा प्रहार किया। राणे ने तुलना करते हुए यहाँ तक कह दिया कि “ओवैसी और ओसामा बिन लादेन में कोई अंतर नहीं है।” राणे ने आगे बढ़ते हुए मांग की कि AIMIM एक खतरनाक विचारधारा को बढ़ावा दे रही है, इसलिए पीएफआई (PFI) की तर्ज पर इस संगठन पर भी पाबंदी लगानी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
नासिक का यह मामला तब सुर्खियों में आया जब टीसीएस (TCS) से जुड़ी एक महिला कर्मी (निदा खान) पर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने और उत्पीड़न करने के आरोप लगे। पुलिस के अनुसार, निदा खान इस पूरे रैकेट की मुख्य कड़ी थी और उसकी गिरफ्तारी के बाद कई अन्य खुलासे होने की संभावना है। मतीन पटेल द्वारा उसे संरक्षण देना अब राजनीतिक और कानूनी जांच का मुख्य विषय बन गया है।
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