कागजों में खतरनाक घोषित मकान, ज़मीनी कार्रवाई नहीं… कोर्ट स्टे बना बहाना

 इंदौर  हर बार की तरह इस बार भी नगर निगम ने सर्वे का पूरा प्रहसन करने के बाद शहर में खतरनाक मकानों की सूची तैयार कर ली है। इसमें वे मकान भी शामिल हैं जो पिछले कई साल से खतरनाक मकानों की सूची में तो शामिल होते आए हैं। ये मकान सूची में तो शामिल कर लिए जाते हैं लेकिन उन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं होती। शहर के 92 मकान अब भी ऐसे हैं जो अति खतरनाक श्रेणी में होने के बाद भी हटाए नहीं गए हैं। जिम्मेदारों ने वहां बैनर पोस्टर लगाकर लोगों को बता दिया है कि ये

Wrriten By :

Editor

Published On :

जुलाई 19, 2026

Advertisements
728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

 इंदौर

 हर बार की तरह इस बार भी नगर निगम ने सर्वे का पूरा प्रहसन करने के बाद शहर में खतरनाक मकानों की सूची तैयार कर ली है। इसमें वे मकान भी शामिल हैं जो पिछले कई साल से खतरनाक मकानों की सूची में तो शामिल होते आए हैं। ये मकान सूची में तो शामिल कर लिए जाते हैं लेकिन उन्हें हटाने की कार्रवाई नहीं होती। शहर के 92 मकान अब भी ऐसे हैं जो अति खतरनाक श्रेणी में होने के बाद भी हटाए नहीं गए हैं। जिम्मेदारों ने वहां बैनर पोस्टर लगाकर लोगों को बता दिया है कि ये मकान खतरनाक घोषित हैं।
सघन क्षेत्रों में हादसों का अंदेशा और निगम की सुस्ती

728x90-Pension-Mission-Shakti-Digital

जूनी इंदौर, एमजी रोड और जवाहर मार्ग पर ऐसे मकानों की संख्या अधिक है। सघन आवासीय क्षेत्र होने की वजह से यहां हादसों का अंदेशा भी अधिक रहता है। मकान मालिकों को वर्षों से नोटिस दिए जा रहे हैं लेकिन न मकान हटाने में तेजी दिखाई जा रही है और न कार्रवाई करने में। स्थिति यह है कि पिछले एक साल में एक दर्जन खतरनाक मकानों पर भी कार्रवाई नहीं हुई।

 

2