
UP News: बीजेपी के पूर्व सांसद और नेता बृजभूषण शरण सिंह एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने अग्निवीर योजना और जनसंख्या नियंत्रण जैसे दो अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी है। अग्निवीरों का कार्यकाल बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले का उन्होंने स्वागत किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में भी रूस और दूसरे देशों की तर्ज पर हर युवा को 3 से 4 साल की सैन्य ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। उनके मुताबिक, इससे देश का हर युवा शारीरिक रूप से मजबूत होगा और जरूरत पड़ने पर सैनिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहेगा।
अग्निवीर योजना पर बृजभूषण शरण सिंह ने किया सरकार के फैसले का स्वागत
केंद्र सरकार ने उन अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने का फैसला किया है, जिनका चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। इसके बाद तय पात्रता मानकों को पूरा करने और अपनी सहमति देने वाले अग्निवीरों को स्थायी भर्ती का मौका दिया जाएगा।
सरकार के इसी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने इसे स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि आज सेना की जरूरत, युद्ध के बदलते हालात और देश में नौजवानों की भूमिका को देखते हुए सरकार का यह फैसला सही दिशा में उठाया गया कदम है। इससे युवाओं में अग्निवीर बनने की तैयारी को लेकर उत्साह बढ़ेगा।
रूस की तरह भारत में भी हर युवा को मिले सैन्य ट्रेनिंग
बृजभूषण शरण सिंह ने अग्निवीर योजना के पीछे की सोच को समझाते हुए रूस और दूसरे देशों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि कई देशों में जब बच्चे इंटरमीडिएट तक पहुंचते हैं, तो उनके परिवार और स्कूल को सरकार की तरफ से सूचना दी जाती है। इसके बाद युवाओं को तीन या चार साल तक सेना की ट्रेनिंग दी जाती है।उन्होंने बताया कि ट्रेनिंग पूरी करने के बाद युवा अपनी पढ़ाई और करियर के हिसाब से आगे बढ़ सकते हैं। कोई मेडिकल की पढ़ाई करता है तो कोई इंजीनियरिंग या दूसरे क्षेत्र में जाता है। वहां सैन्य ट्रेनिंग को युवाओं के जीवन का एक जरूरी हिस्सा माना जाता है।
बीजेपी नेता के मुताबिक, भारत में भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिसमें हर युवा को दो से तीन या चार साल की सैन्य ट्रेनिंग मिले। इससे देश के युवाओं में अनुशासन, फिटनेस और देश की रक्षा करने का जज्बा बढ़ेगा।
अग्निवीरों को नौकरी देने की बात से बढ़ा अंतर्विरोध
बृजभूषण ने कहा कि प्रधानमंत्री और अग्निवीर योजना बनाने वाले लोगों की सोच के पीछे भी शायद यही भावना रही होगी कि देश का हर नागरिक स्वस्थ रहे और सैनिक की तरह तैयार हो। हालांकि, जब इस योजना के साथ नौकरी देने की बात भी जुड़ गई तो कुछ अंतर्विरोध पैदा हुए। उनके मुताबिक, सैन्य ट्रेनिंग को व्यापक स्तर पर लागू करने का उद्देश्य सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं होना चाहिए।
जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भी बृजभूषण ने रखी अपनी बात
अग्निवीर योजना के अलावा बृजभूषण शरण सिंह ने जनसंख्या नियंत्रण कानून पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि देश में एक ऐसा वर्ग है, जो जागरूकता के साथ जनसंख्या नियंत्रण के नियमों का पालन कर रहा है। वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इसका पालन नहीं कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि अगर सरकार दो या तीन बच्चों की सीमा तय करती है तो इसका उल्लंघन करने वालों के मामले में गंभीरता से विचार करना होगा। लेकिन इस मुद्दे पर फैसला लेते समय सिर्फ जनसंख्या नियंत्रण को ही आधार नहीं बनाया जा सकता।
जनसंख्या नियंत्रण के साथ जातिगत और सामाजिक संतुलन भी जरूरी
बीजेपी नेता ने कहा कि भारत में जाति व्यवस्था और सामाजिक समीकरणों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसलिए जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाते समय सामाजिक और जातिगत संतुलन का भी ध्यान रखना जरूरी है।
उन्होंने राजनीतिक दलों की टिकट वितरण प्रक्रिया का उदाहरण देते हुए कहा कि जब पार्टियां चुनाव में उम्मीदवार चुनती हैं तो वहां कई बार जनसंख्या और बहुमत का गणित भी देखा जाता है। इसी आधार पर राजनीतिक प्रतिनिधित्व और मंत्री पदों को लेकर फैसले होते हैं।
‘ऐसा न हो कि किसी वर्ग का अस्तित्व ही खत्म हो जाए’
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण का फैसला ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे किसी जाति या सामाजिक वर्ग का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाए। उन्होंने साफ कहा कि देश में जनसंख्या नियंत्रण जरूरी है, लेकिन इसके साथ सभी वर्गों के सामाजिक और जातिगत संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
कुल मिलाकर, बृजभूषण शरण सिंह ने अग्निवीर योजना को लेकर सरकार के फैसले का समर्थन किया है। वहीं जनसंख्या नियंत्रण कानून पर उन्होंने ऐसा रास्ता अपनाने की बात कही है, जिसमें आबादी पर नियंत्रण के साथ सामाजिक प्रतिनिधित्व और जातिगत संतुलन भी बना रहे।











