Brij Bhushan Singh: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह न्यायालय से बरी होने के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश के बाराहघाट स्थित आनंदम धाम आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया और कुछ समय तक एकांत में चर्चा भी की। इसके बाद उन्होंने आश्रम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। आश्रम पहुंचने पर समर्थकों और श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
ब्रजभूषण शरण सिंह कोर्ट से बरी, बोले- यह राजनीतिक षड्यंत्र था
बताते चले कि, आश्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उनके खिलाफ लगाया गया पूरा मामला एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र था। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए यौन शोषण के आरोपों को लेकर देशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा किया गया, लेकिन अंततः न्यायालय ने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर उन्हें सम्मानपूर्वक बरी कर दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से उनके खिलाफ माहौल बनाया गया, वैसा शायद ही किसी अन्य मामले में देखने को मिला हो। उनके अनुसार, आरोप लगाने वालों के साथ कई राजनीतिक दल और विभिन्न संगठन भी सक्रिय थे। हालांकि, उन्होंने दोहराया कि शुरुआत से ही उनका विश्वास न्यायपालिका पर था और आखिरकार उन्हें न्याय मिला।
यौन शोषण केस पर ब्रजभूषण शरण सिंह का बयान
पूर्व सांसद ने कहा कि जब उनके खिलाफ आरोप लगाए गए थे, तभी उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि एक भी आरोप सत्य साबित हुआ तो वे स्वयं सबसे कठोर निर्णय लेने को तैयार होंगे। उनका कहना है कि उन्होंने पूरे मामले में कानून और न्यायपालिका पर भरोसा बनाए रखा और अब अदालत के फैसले ने उनकी बात को सही साबित कर दिया।
ब्रजभूषण शरण सिंह ने कहा कि न्यायालय का फैसला उनके लिए केवल कानूनी राहत नहीं, बल्कि सम्मान की पुनर्स्थापना भी है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उन सभी लोगों के लिए भी संदेश है, जो बिना तथ्यों के किसी पर आरोप लगाकर उसकी छवि खराब करने की कोशिश करते हैं।
सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज से मुलाकात के बाद क्या बोले ब्रजभूषण शरण सिंह?
ब्रजभूषण शरण सिंह ने बताया कि अदालत के फैसले के बाद उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज के दर्शन करना था। उन्होंने कहा कि गुरुपूर्णिमा के अवसर पर भी उन्होंने नागपुर में सद्गुरु का आशीर्वाद लिया था और अब न्यायालय से बरी होने के बाद सबसे पहले उनके चरणों में उपस्थित होना अपना कर्तव्य समझा। जब उनसे राजनीति में दोबारा सक्रिय भूमिका निभाने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भविष्य का निर्णय समय और ईश्वर की इच्छा पर निर्भर करेगा। फिलहाल उनका ध्यान आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने और आगे की जिम्मेदारियों पर है।
सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने बृजभूषण शरण सिंह को दिया संदेश
सद्गुरु ऋतेश्वर महाराज ने भी इस अवसर पर ब्रजभूषण शरण सिंह के प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में उन्होंने हमेशा उन्हें धैर्य रखने और सत्य के मार्ग पर चलने की सलाह दी थी। उनके अनुसार, सत्य की अंततः जीत होती है और न्याय मिलने पर उन्हें उसी प्रकार प्रसन्नता हो रही है, जैसे किसी पिता को अपने पुत्र की सफलता पर होती है। उन्होंने कहा कि जीवन में विपरीत परिस्थितियां आती रहती हैं, लेकिन धैर्य, विश्वास और सत्य का साथ कभी नहीं छोड़ना चाहिए। यही संदेश उन्होंने ब्रजभूषण शरण सिंह को भी दिया था।
ब्रजभूषण शरण सिंह बरी होने के बाद फिर बढ़ी राजनीतिक चर्चा
न्यायालय से बरी होने के बाद ब्रजभूषण शरण सिंह की सार्वजनिक सक्रियता एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। उनके आश्रम पहुंचने, सद्गुरु का आशीर्वाद लेने और राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप लगाने वाले बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, भविष्य में उनकी राजनीतिक भूमिका क्या होगी, इस पर उन्होंने फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले दिनों में वे सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में किस प्रकार की भूमिका निभाते हैं।










