Boong Movie: मणिपुरी भाषा की फीचर फिल्म ‘बूंग’ बनाने वाली फिल्ममेकर लक्ष्मीप्रिया देवी ने अपनी BAFTA जीत और स्टेज अनुभव के बारे में बताया। देवी के अनुसार, जब उन्होंने 79वें ब्रिटिश एकेडमी फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म कैटेगरी में पुरस्कार जीता, तो यह उनके लिए बेहद खास और अविस्मरणीय पल था।
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स्टेज पर खड़े होने का अनुभव
एक न्यूज एजेंसी से बातचीत के दौरान लक्ष्मीप्रिया देवी ने कहा कि लंदन के स्टेज पर खड़े होने के समय उन्हें अपनी भावनाओं को संभालना मुश्किल हो रहा था। उन्होंने बताया, “मुझे उस समय कोई गहरा सोच नहीं आया, बस मैं ऑडियंस को देखकर पूरी तरह खाली थी।” उन्होंने कहा कि इतने बड़े मंच पर खड़े होकर अनुभव लगभग अवास्तविक महसूस हुआ। देवी ने बताया कि स्पीच देते समय भी उनका ध्यान केवल उस पल में महसूस किए गए भावनाओं पर था। उन्होंने कहा, “मुझे याद नहीं कि मैंने वह स्पीच कैसे दी। मैं बस स्टेज पर गई और दो-तीन लोगों को देखकर अपने विचारों को सामने लाया।”
भावनाओं को नियंत्रित करना
लक्ष्मीप्रिया देवी ने बताया कि उन्हें इवेंट के बड़े स्तर को मानसिक रूप से ब्लॉक करना पड़ा ताकि वे शांत रह सकें। उन्होंने कहा, “मैंने बाकी सबकुछ ब्लॉक कर दिया और केवल इस पर फोकस किया कि जो महसूस कर रही हूं, उसे व्यक्त कर सकूं।” उन्होंने कहा कि स्टेज पर खड़े होने का पल अजीब था, लेकिन इससे पहले ही दिन में उन्हें इमोशनल रूप से इसकी तैयारी करनी पड़ी। देवी ने साझा किया, “BAFTA के दिन मैं रोई थी, लेकिन स्टेज पर पहुँचते ही मैंने अपना फोकस उस पल पर कर लिया।”
रीजनल सिनेमा के लिए महत्व
लक्ष्मीप्रिया देवी ने मणिपुर और नॉर्थईस्ट इंडिया के रीजनल सिनेमा पर BAFTA जीत के असर पर भी बात की। उन्होंने कहा, “इस जीत से रीजनल सिनेमा को ग्लोबल स्तर पर पहचान मिली है। अब लोग जानेंगे कि इस तरह की कहानियाँ भी बनाई जा सकती हैं।”
‘बूंग’ की कहानी और निर्देशन

फिल्म ‘बूंग’ मणिपुर में सेट है और एक लड़के की कहानी बताती है जो अपने लापता पिता को खोजने और अपनी मां के लिए एक तोहफ़ा लाने की यात्रा पर निकलता है। देवी ने बताया कि स्क्रिप्ट लिखने के बाद यह प्रोजेक्ट उनके लिए व्यक्तिगत अनुभव बन गया। उन्होंने कहा, “मैंने सोचा, इसे खुद डायरेक्ट करना चाहिए, क्योंकि यह मेरा हिस्सा बन चुका था।”
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बाल कलाकारों के साथ अनुभव
फिल्म में बाल कलाकार गुगुन किपगेन ने टाइटल रोल निभाया। देवी ने बताया कि एक बच्चे के नजरिए से कहानी को दिखाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन इसने फिल्म बनाने की प्रक्रिया को और भी रोचक और प्रभावशाली बनाया।
भारतीय थिएट्रिकल रिलीज़ और संदेश
BAFTA में जीत के बाद, ‘बूंग’ को 6 मार्च, 2026 को भारतीय सिनेमाघरों में री-रिलीज़ किया गया। देवी का मानना है कि फिल्म का संदेश खासकर मणिपुर के दर्शकों तक पहुंचे। उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि वे इसे देखेंगे और एक नई शुरुआत का संदेश पाएंगे। यह फिल्म उनके लिए एक खास तोहफ़ा होगी।”
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