Bomb Threat: स्कूलों में बम की धमकी! पुलिस और बम स्क्वॉड ने संभाला मोर्चा, मचा हड़कंप

राजधानी के स्कूलों में उस वक्त सनसनी फैल गई जब अज्ञात ईमेल के जरिए बम होने की सूचना मिली। प्रशासन ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया। वर्तमान में स्थानीय पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड पूरे परिसर की सघन तलाशी ले रहे हैं। साइबर सेल धमकियों के तकनीकी स्रोत की जांच में जुटी है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जनवरी 29, 2026

Bomb Threat: राजधानी दिल्ली के कई प्रतिष्ठित स्कूलों में आज सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब प्रशासन को ईमेल के जरिए बम होने की धमकी मिली। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए पूरे इलाके को घेर लिया और सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया है।

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पुलिस बल और बम निरोधक दस्ते की सक्रियता

Bomb Threat
स्कूलों में बम की धमकी

पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जैसे ही धमकी की सूचना मिली, स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बम निरोधक दस्ते (Bomb Disposal Squad) और डॉग स्क्वॉड (K9 Unit) की कई टीमों को स्कूल परिसरों की जांच के लिए तैनात किया गया। सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा स्कूल के हर कोने, गलियारों, खेल के मैदानों और बंद कमरों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा मानकों (SOP) का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।

छात्रों और कर्मचारियों का सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, धमकी मिलने के तुरंत बाद स्कूलों में ‘इमरजेंसी प्रोटोकॉल’ लागू कर दिया गया। एहतियात के तौर पर, कुछ स्कूलों में छात्रों और शिक्षण कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। शिक्षकों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बच्चों को शांत रखा और उन्हें स्कूल की इमारतों से निकालकर खुले मैदानों या सुरक्षित असेंबली पॉइंट तक पहुंचाया। कई स्कूलों ने अभिभावकों को मैसेज भेजकर अपने बच्चों को वापस ले जाने का आग्रह किया, जिससे स्कूल गेट पर काफी भीड़ देखी गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी जीवन खतरे में न पड़े।

धमकियों के स्रोत का पता लगाने हेतु गहन तकनीकी जांच

फिलहाल पुलिस और साइबर सेल की टीमें इस पूरे मामले की जड़ तक पहुँचने में जुटी हैं। पुलिस के अनुसार धमकियों के स्रोत का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकी भरा ईमेल या कॉल कहाँ से जनरेट किया गया था। अधिकारियों का मानना है कि यह किसी की शरारत भी हो सकती है, लेकिन वे इसे हल्के में नहीं ले रहे हैं। आईपी एड्रेस (IP Address) और डिजिटल पदचिह्नों को ट्रैक किया जा रहा है ताकि इस दहशत के पीछे छिपे असली चेहरे को बेनकाब किया जा सके। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।

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