BMC Election 2026: मुंबई महानगरपालिका (BMC) के चुनाव 2026 में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। शिवसेना और एनसीपी के विभाजन के बाद यह पहला मौका है जब शहर की सत्ता के लिए कई गठबंधन आमने-सामने हैं। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का गठबंधन और बीजेपी-एकनाथ शिंदे गठबंधन मुख्य मुकाबले में हैं। 16 जनवरी को वोटों की गिनती के बाद ही यह तय होगा कि मुंबई का अगला प्रशासन किसके हाथों में जाएगा।
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एग्जिट पोल में महायुति बढ़त
DV Research, Axis My India और JVC के एग्जिट पोल के आंकड़ों के अनुसार महायुति (BJP+शिंदे शिवसेना गठबंधन) वर्तमान चुनाव में बढ़त में नजर आ रही है। DV Research के मुताबिक महायुति को 107 से 122 सीटें मिल सकती हैं, जबकि ठाकरे ब्रदर्स का गठबंधन 68 से 83 सीटें पाने के अनुमान में है। कांग्रेस और VBA गठबंधन को 18 से 25 सीटें मिल सकती हैं, वहीं NCP अजित पवार को 2 से 4 सीटें मिल सकती हैं। Axis My India के एग्जिट पोल में महायुति को 131 से 151 सीटें मिल सकती हैं और ठाकरे गठबंधन को 58-68 सीटें मिल सकती हैं। JVC के आंकड़े भी इसी रुझान को दिखाते हैं।
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वोट शेयर का अनुमान
एग्जिट पोल में महायुति को 41 से 45 प्रतिशत वोट शेयर मिलने की संभावना है। ठाकरे ब्रदर्स का गठबंधन 33 से 37 प्रतिशत वोट ले सकता है, जबकि कांग्रेस+VBA गठबंधन को लगभग 13-15 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। NCP और अन्य पार्टियों के वोट शेयर अपेक्षाकृत कम हैं। Axis My India के आंकड़ों में महिलाओं और पुरुषों के वोट प्रतिशत को अलग-अलग देखा गया है, जिससे महायुति को महिलाओं और पुरुषों दोनों के बीच मजबूत पकड़ मिलती दिख रही है।
उम्मीदवारों का बंटवारा
मुंबई में इस चुनाव में सीटों के अनुसार उम्मीदवारों का बंटवारा भी अहम रहा। बीजेपी ने 137 सीटों पर, शिंदे शिवसेना ने 90 सीटों पर और शिवसेना (UBT) ने 163 उम्मीदवार उतारे हैं। एनसीपी ने 94, MNS ने 52, कांग्रेस ने 143 और VBA ने 46 उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। इस बंटवारे से यह स्पष्ट है कि चुनाव में मुकाबला हर वार्ड में काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा।
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BMC चुनाव का महत्व
BMC चुनाव केवल महानगरपालिका की सत्ता तय करने का माध्यम नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन और रणनीति तय करने का अहम इशारा भी है। एग्जिट पोल के आंकड़े महायुति को बढ़त दिखा रहे हैं, लेकिन ठाकरे ब्रदर्स और अन्य गठबंधनों के लिए यह चुनौतीपूर्ण चुनाव साबित हो सकता है। अंतिम परिणाम 16 जनवरी को आने पर ही यह साफ होगा कि मुंबई की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।










