BLO Suicide Case : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। रविवार को जिले के एक प्राइमरी स्कूल परिसर में बीएलओ का शव फंदा से लटका हुआ मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती जांच और परिवार के बयानों के आधार पर यह मामला आत्महत्या का लग रहा था, जिसे लेकर परिजनों ने आरोप लगाया था कि मृतक ऑफिसर ‘SIR’ (Service Information Record) से जुड़े कार्यों और विभाग के अत्यधिक दबाव के कारण मानसिक तनाव में थे। हालांकि, जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, इस मामले में एक नया और गंभीर मोड़ सामने आया है।
पैसे के लेन-देन और धमकी का खुलासा: तृणमूल समर्थक बुलेट खान गिरफ्तार
पुलिस जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि बीएलओ की आत्महत्या के पीछे केवल काम का दबाव नहीं, बल्कि आर्थिक उत्पीड़न भी एक बड़ा कारण था। इस सिलसिले में पुलिस ने ‘बुलेट खान’ नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसे स्थानीय स्तर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का समर्थक बताया जा रहा है। आरोपी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का संगीन आरोप लगा है। जांच में पता चला है कि बुलेट खान ने मृतक बीएलओ से लगभग ₹20 लाख की भारी-भरकम राशि उधार ली थी, जिसे वह लंबे समय से वापस नहीं कर रहा था।
कर्ज वापसी के बदले मिली मौत की धमकी: परिजनों का गंभीर आरोप
मृतक के परिवार ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में बताया कि बीएलओ अपने दिए हुए पैसे वापस पाने के लिए लगातार बुलेट खान के संपर्क में थे। जब भी वे अपने ₹20 लाख की मांग करते, आरोपी उन्हें पैसे देने के बजाय जान से मारने की धमकी देता था। आर्थिक तंगी और ऊपर से आरोपी के रसूख के कारण मिली धमकियों ने ऑफिसर को मानसिक रूप से तोड़ दिया था। परिवार का मानना है कि एक तरफ सरकारी काम का बोझ और दूसरी तरफ इतनी बड़ी रकम डूबने का गम और डर ही उनकी मौत की मुख्य वजह बना।
प्राइमरी स्कूल में मिला शव: पुलिस की कार्रवाई और फॉरेंसिक जांच
बीते रविवार को जब बीएलओ का शव स्कूल के कमरे में लटका हुआ पाया गया, तो पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह पूरी तरह से आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और शारीरिक चोट के निशान हैं। स्थानीय पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी बुलेट खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी के कॉल रिकॉर्ड्स और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है ताकि ₹20 लाख के लेन-देन की पुष्टि की जा सके।
प्रशासनिक दबाव और राजनीतिक रसूख पर उठे सवाल
इस घटना ने पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और उन पर पड़ने वाले मानसिक दबाव को लेकर नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी दल के समर्थकों के रसूख के आगे सरकारी कर्मचारी बेबस हैं। एक तरफ चुनाव संबंधी कार्यों (BLO Duty) का भारी बोझ और दूसरी तरफ स्थानीय दबंगों का उत्पीड़न, इन दोनों के बीच पिसकर एक निष्ठावान अधिकारी ने अपनी जान दे दी। स्थानीय निवासियों ने मृतक के परिवार के लिए न्याय और आरोपी को सख्त से सख्त सजा देने की मांग करते हुए प्रदर्शन भी किया है।
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