Black Sea Attack: भारत सरकार ने काला सागर में वाणिज्यिक मालवाहक जहाज एमवी ओमोर्फी (MV OMORFI) पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में एक भारतीय नाविक की जान चली गई, जबकि जहाज पर मौजूद अन्य दो भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए गए हैं। विदेश मंत्रालय ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर चलने वाले वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत ने इस घटना को वैश्विक समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है।
हमले के समय जहाज पर सवार थे 10 चालक दल के सदस्य
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एमवी ओमोर्फी काला सागर से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, घटना के समय जहाज रूस के जलक्षेत्र में मौजूद था। जहाज पर कुल 10 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें तीन भारतीय नागरिक भी शामिल थे। हमले के दौरान एक भारतीय नाविक की मृत्यु हो गई, जबकि अन्य दो भारतीय सुरक्षित हैं। घटना के बाद संबंधित एजेंसियों ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है।
भारत ने समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की
इस घटना के बाद भारत ने सभी संबंधित पक्षों से समुद्री नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला की रीढ़ हैं, इसलिए इन मार्गों पर चलने वाले नागरिक जहाजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। भारत ने इस बात पर भी जोर दिया कि समुद्री क्षेत्रों में तनाव का असर निर्दोष नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर नहीं पड़ना चाहिए।
विदेश मंत्रालय ने जताया गहरा दुख
विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक बयान जारी कर भारतीय नाविक की मृत्यु पर संवेदना व्यक्त की। मंत्रालय ने कहा कि निर्दोष नागरिक चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों और संबंधित पक्षों की साझा जिम्मेदारी है। बयान में कहा गया कि किसी भी वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों और सुरक्षित नौवहन की भावना के विपरीत है। मंत्रालय ने मृतक के परिवार के प्रति शोक व्यक्त करते हुए आवश्यक राजनयिक प्रक्रिया जारी रहने की बात कही।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बढ़ते खतरे को लेकर चिंता
भारत ने कहा कि हाल के दिनों में समुद्री मार्गों पर बढ़ती असुरक्षा वैश्विक व्यापार के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों की घटनाएं न केवल चालक दल की सुरक्षा को प्रभावित करती हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक सप्लाई चेन पर भी असर डाल सकती हैं। ऐसे में सभी पक्षों को संयम बरतते हुए समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
लगातार सामने आ रही हैं समुद्री हमलों की घटनाएं
एमवी ओमोर्फी पर हमला ऐसे समय हुआ है जब काला सागर क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है। इससे पहले 19 जुलाई को एमवी गोल्डन लियो नामक एक अन्य वाणिज्यिक जहाज को भी यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना होने के कुछ समय बाद निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री परिवहन की सुरक्षा पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
भारत ने दोहराया अपना स्पष्ट रुख
भारत ने अपने आधिकारिक बयान में दोहराया कि नागरिक जहाजों और गैर-सैन्य समुद्री गतिविधियों को किसी भी प्रकार के संघर्ष से अलग रखा जाना चाहिए। सरकार का कहना है कि निर्दोष नागरिकों की जान जोखिम में डालना स्वीकार्य नहीं है। भारत ने सभी संबंधित पक्षों से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने और समुद्री क्षेत्रों में सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर वैश्विक सहयोग की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि काला सागर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वय पहले से अधिक आवश्यक हो गया है। वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा, चालक दल की रक्षा और वैश्विक व्यापार को निर्बाध बनाए रखने के लिए सभी देशों को मिलकर प्रभावी कदम उठाने होंगे। भारत ने भी इसी दिशा में शांतिपूर्ण समाधान और सुरक्षित समुद्री परिवहन की आवश्यकता पर बल दिया है।
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