BLA Operation Herof: बलूचिस्तान में BLA का ‘ऑपरेशन हेरोफ’: सैन्य ठिकानों पर कब्जे का दावा, पाकिस्तान में भारी तबाही!

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 'ऑपरेशन हेरोफ 2.0' के तहत पाकिस्तान के 14 शहरों में 48 जगहों पर एक साथ हमला कर सनसनी फैला दी है। क्वेटा से लेकर ग्वादर तक, सैन्य ठिकानों और जेलों पर कब्जे के दावों के बीच पाकिस्तान सरकार रक्षात्मक मुद्रा में है। आखिर क्या है इस 'काले तूफान' का सच?

BLA Operation Herof

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 5, 2026

BLA Operation Herof: बलूचिस्तान प्रांत इस समय भीषण हिंसा और सैन्य संघर्ष की चपेट में है। अलगाववादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के विरुद्ध अपने आक्रामक अभियान ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के तहत विद्रोही लड़ाकों ने हमले तेज करते हुए नुश्की जिले के अहमद वाल क्षेत्र में स्थित एक प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य कैंप पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करने का दावा किया है। संगठन का कहना है कि यह हमला पाकिस्तानी राज्य की प्रशासनिक और सैन्य पकड़ को कमजोर करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

नुश्की में आधी रात को धमाके: नागरिकों में दहशत का माहौल

मंगलवार की देर रात नुश्की बस टर्मिनल के समीप स्थित सैन्य शिविर के पास जोरदार धमाकों और निरंतर गोलीबारी से पूरा इलाका दहल गया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि विस्फोट इतने शक्तिशाली थे कि आसपास के घरों की खिड़कियां तक हिल गईं। वर्तमान में क्षेत्र के नागरिक सुरक्षा की तलाश में घरों में कैद हैं। स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि सेना की जवाबी कार्रवाई घनी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर केंद्रित है, जिससे निर्दोष नागरिकों के हताहत होने की गंभीर आशंका पैदा हो गई है।

12 शहरों में समन्वित हमले: सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में अंतर

BLA ने स्पष्ट किया है कि उनके लड़ाकों ने क्वेटा और नुश्की सहित प्रांत के लगभग 12 विभिन्न शहरों में एक साथ तालमेल बिठाकर हमले किए हैं। जहाँ एक ओर पाकिस्तानी सरकारी अधिकारी स्थिति के पूरी तरह नियंत्रण में होने की बात कह रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत इसके उलट नजर आ रही है। BLA के आधिकारिक मीडिया विंग ‘हक्कल’ ने इस ऑपरेशन में शामिल आत्मघाती हमलावरों (मजीद ब्रिगेड) की तस्वीरें और विवरण साझा किए हैं, जो हमलों की गंभीरता और संगठन की तैयारी को दर्शाते हैं।

महिला लड़ाकों और आत्मघाती हमलावरों की बढ़ती भागीदारी

इस बार के संघर्ष में एक चौंकाने वाला पहलू महिला लड़ाकों की सक्रिय भागीदारी है। संगठन द्वारा जारी हालिया वीडियो में महिला विद्रोहियों को फ्रंटलाइन पर देखा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, सिराज बलोच नामक एक आत्मघाती हमलावर की पहचान उजागर की गई है, जिसने तुंप के पुल्लाबाद इलाके में सैन्य कैंप पर विस्फोटक लदे वाहन से हमला किया था। BLA के अनुसार, ये हमलावर किसी मजबूरी में नहीं बल्कि वर्षों के वैचारिक समर्पण और राज्य के प्रति असंतोष के कारण इन घातक मिशनों को अंजाम दे रहे हैं।

भारी सैन्य क्षति का दावा और संचार माध्यमों पर पाबंदी

31 जनवरी से शुरू हुए इस दूसरे चरण में विद्रोहियों ने दर्जनों पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने और अहमद वाल व गलांगुर जैसे महत्वपूर्ण सामरिक ठिकानों पर कब्जा करने का दावा किया है। हालांकि, पूरे प्रांत में इंटरनेट सेवाओं पर प्रतिबंध और मोबाइल नेटवर्क बंद होने के कारण इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि करना लगभग असंभव हो गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए भी इस सेंसरशिप के बीच वास्तविक आंकड़ों तक पहुँचना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

निर्णायक जंग का ऐलान और ठप होता जनजीवन

BLA के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने इन हमलों को पाकिस्तानी सत्ता के खिलाफ “निर्णायक प्रतिरोध” करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनका लक्ष्य बलूचिस्तान से पाकिस्तानी सैन्य ढांचे को पूरी तरह उखाड़ फेंकना है। इस निरंतर जारी संघर्ष के कारण पिछले पांच दिनों से ट्रेन सेवाएं ठप हैं, संचार माध्यम बंद हैं और रसद की आपूर्ति रुक गई है। आम जनता बुनियादी सुविधाओं के अभाव और असुरक्षा के साये में जीने को मजबूर है, जिससे यह संकट मानवीय त्रासदी की ओर बढ़ता दिख रहा है।

Read More: PM Modi Speech: राज्यसभा में PM मोदी का भाषण शुरू होते ही भारी हंगामा, विपक्ष की जोरदार नारेबाजी