Pakistani Force Balochistan Fight: पाकिस्तान का अशांत प्रांत बलूचिस्तान एक बार फिर भीषण हिंसा की चपेट में है। अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने ‘ऑपरेशन हेरोफ 2’ के तहत पूरे प्रांत में एक साथ कई बड़े हमलों को अंजाम दिया है। इस खूनी संघर्ष में दोनों पक्षों की ओर से भारी नुकसान के दावे किए जा रहे हैं, जिसने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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फिदायीन हमले और महिला लड़ाकों की भूमिका
बताते चले कि, BLA ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है कि इसमें महिला आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल किया गया। 24 वर्षीय आसिफा मेंगल की पहचान मुख्य हमलावर के रूप में हुई है, जिसने नुश्की स्थित ISI मुख्यालय को निशाना बनाया। मेंगल ने अपने 21वें जन्मदिन पर BLA की आत्मघाती इकाई ‘मजीद ब्रिगेड’ की सदस्यता ली थी।
दूसरी हमलावर, जिसे हवा बलूच उर्फ ‘द्रोशम’ बताया जा रहा है, का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में वह पाकिस्तानी सेना को चुनौती देते हुए बलूच राष्ट्र से एकजुट होने की अपील कर रही है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि इन हमलों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही है, जो बलूच उग्रवाद के बदलते स्वरूप को दर्शाता है।
मौत के आंकड़ों पर विरोधाभास
हताहतों की संख्या को लेकर भारी संशय बना हुआ है। बलूच लिबरेशन आर्मी का दावा है कि उनके लड़ाकों ने लगभग 90 सुरक्षाकर्मियों को मार गिराया है और 20 को बंधक बना लिया है। दूसरी ओर, पाकिस्तानी सेना (ISPR) ने जवाबी कार्रवाई में 140 विद्रोहियों को ढेर करने का दावा किया है। यह हिंसा हाल के वर्षों की सबसे घातक घटना मानी जा रही है, जहां हमलावरों ने आम नागरिकों के वेश में स्कूलों और बाजारों जैसे सार्वजनिक स्थानों को भी निशाना बनाया।
रणनीतिक ठिकानों पर प्रहार
BLA के इस सुनियोजित हमले में करीब 800 से 1,000 लड़ाके शामिल थे। विद्रोहियों ने केवल गोलीबारी ही नहीं की, बल्कि रणनीतिक बढ़त भी हासिल करने की कोशिश की:
- मस्तुंग जेल ब्रेक: विद्रोहियों ने जेल पर हमला कर 30 कैदियों को छुड़ा लिया।
- प्रशासन पर हमला: नुश्की के डिप्टी कमिश्नर को अगवा कर लिया गया है।
- मजदूरों की हत्या: ग्वादर में 11 प्रवासी मजदूरों की बेरहमी से हत्या कर दी गई।
क्वेटा से ग्वादर तक फैला युद्ध जैसा मंजर
यह हमला किसी एक शहर तक सीमित नहीं था। विद्रोहियों ने एक साथ क्वेटा, ग्वादर, नुश्की, मस्तुंग, और लसबेला सहित दर्जनों शहरों में बमबारी और गोलीबारी की। प्रांत के मुख्य राजमार्गों को घंटों तक जाम रखा गया और संचार व्यवस्था को बाधित करने का प्रयास किया गया। पाकिस्तान सरकार के लिए यह स्थिति एक बड़ी सुरक्षा विफलता के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि विद्रोही सुरक्षा घेरे को तोड़कर उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में घुसने में सफल रहे।
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