West Bengal Election: बीजेपी की तीसरी लिस्ट में बड़ा धमाका, RG Kar पीड़िता की माँ को मिला टिकट

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की तीसरी सूची में एक ऐसा नाम शामिल किया है जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। आरजी कर अस्पताल की पीड़िता की माँ को उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने सीधे तौर पर ममता सरकार की कानून व्यवस्था पर हमला बोला है। क्या 'बेटी' को इंसाफ दिलाने की यह जंग वोट में बदलेगी?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 25, 2026

West Bengal Election:  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सियासी पारा अपने चरम पर है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उम्मीदवारों की अपनी बहुप्रतीक्षित तीसरी सूची जारी कर दी है। इस नवीनतम सूची में 19 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई है। बीजेपी के इस चयन में सामाजिक संवेदनाओं और क्षेत्रीय समीकरणों का अनूठा मेल देखने को मिल रहा है। पार्टी ने इस बार कई नए चेहरों पर दांव लगाया है, जिससे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खेमे में हलचल तेज हो गई है।

आरजी कर पीड़िता की मां को पानीहाटी से चुनावी मैदान में उतारा

बीजेपी की इस तीसरी सूची में सबसे चौंकाने वाला और भावुक निर्णय आरजी कर मेडिकल कॉलेज की पूर्व पीड़िता की माताजी को टिकट देना है। पार्टी ने उन्हें उत्तर 24 परगना जिले की पानीहाटी विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार घोषित किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम के जरिए बीजेपी ने राज्य में महिला सुरक्षा और न्याय के मुद्दे को चुनाव का मुख्य केंद्र बना दिया है। पीड़िता की मां का चुनाव लड़ना न केवल एक राजनीतिक फैसला है, बल्कि यह जनभावनाओं को न्याय की मांग के साथ जोड़ने की एक बड़ी कोशिश भी है।

कूचबिहार और राजगंज के लिए मजबूत चेहरों का चयन

उत्तर बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने के लिए बीजेपी ने अनुभवी नेताओं पर भरोसा जताया है। कूचबिहार दक्षिण विधानसभा सीट से पार्टी ने रथीन्द्र नाथ बोस को अपना प्रत्याशी बनाया है। रथीन्द्र नाथ की स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ मानी जाती है। वहीं, राजगंज सीट से दिनेश सरकार (हराधन सरकार) को चुनावी मैदान में उतारा गया है। इन क्षेत्रों में बीजेपी का मुकाबला सीधे तौर पर सत्तारूढ़ दल से है, इसलिए पार्टी ने संगठन के प्रति समर्पित चेहरों को प्राथमिकता दी है।

हावड़ा मध्य और इस्लामपुर में कांटे की टक्कर की तैयारी

बीजेपी ने औद्योगिक और शहरी क्षेत्रों में भी अपने समीकरण दुरुस्त किए हैं। हावड़ा मध्य जैसी महत्वपूर्ण सीट के लिए बिप्लब मंडल के नाम पर मुहर लगाई गई है। हावड़ा क्षेत्र में मतदाताओं की मिश्रित आबादी को देखते हुए बिप्लब मंडल का चयन काफी रणनीतिक माना जा रहा है। दूसरी ओर, उत्तर दिनाजपुर जिले के इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र से चित्रजीत रॉय को प्रत्याशी बनाया गया है। इस्लामपुर सीट पर मुकाबला हमेशा से त्रिकोणीय रहा है, ऐसे में चित्रजीत रॉय की दावेदारी बीजेपी के लिए संजीवनी साबित हो सकती है।

हुगली और मालदा में महिला शक्ति और युवा जोश पर दांव

बीजेपी ने अपनी सूची में महिलाओं की भागीदारी को भी महत्व दिया है। हुगली जिले की हरिपाल सीट से मधुलिका घोष को उम्मीदवार बनाया गया है। मधुलिका घोष लंबे समय से क्षेत्र में सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। इसके अलावा, मालदा जिले की महत्वपूर्ण इंग्लिश बाजार सीट से अमलन भादुरी को टिकट दिया गया है। मालदा जैसे जिले में, जहाँ पारंपरिक रूप से कांग्रेस और टीएमसी का दबदबा रहा है, अमलन भादुरी के कंधों पर बीजेपी के विस्तार की बड़ी जिम्मेदारी होगी।

निष्कर्ष: बंगाल की सत्ता के लिए बीजेपी की आक्रामक घेराबंदी

19 उम्मीदवारों की इस तीसरी सूची से यह स्पष्ट हो गया है कि बीजेपी इस बार पश्चिम बंगाल में ‘परिवर्तन’ के नारे को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखना चाहती। आरजी कर मामले से जुड़ी संवेदनाओं को चुनावी मुद्दा बनाकर और स्थानीय स्तर पर सक्रिय चेहरों को मौका देकर पार्टी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार के सामने कड़ी चुनौती पेश कर दी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ये उम्मीदवार जनता के बीच अपनी कितनी पैठ बना पाते हैं।

Read More :  चीतों का नया बसेरा बनेगा बुंदेलखंड अब बुंदेलखंड की धरती पर चीते भरेंगे फर्राटे