BJP Foundation Day 2026: “पार्टी नहीं, माँ है भाजपा…” BJP के स्थापना दिवस पर भावुक हुए PM मोदी

भाजपा के स्थापना दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन अचानक भावुक मोड़ लेता है, जब वे पार्टी को “माँ” बताते हैं। क्या है इस बयान के पीछे की असली भावना, और क्यों उन्होंने कार्यकर्ताओं के संघर्ष, इमरजेंसी और राजनीतिक हिंसा का जिक्र किया—जानिए पूरी कहानी

BJP के स्थापना दिवस पर भावुक हुए PM मोदी

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अप्रैल 6, 2026

BJP Foundation Day 2026: नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के स्थापना दिवस के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उनके समर्पण, त्याग और संघर्ष की सराहना की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिए गए अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने हमेशा देशहित को सर्वोपरि रखा और हर कठिन परिस्थिति में मजबूती से खड़े रहे। उन्होंने विशेष रूप से आपातकाल और कांग्रेस शासन के दौरान हुए दमन तथा पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में राजनीतिक हिंसा का उल्लेख किया।

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कठिन दौर में भी अडिग रहे कार्यकर्ता

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कभी भी जनहित के मुद्दों को उठाने में संकोच नहीं किया। उनका विश्वास था कि उनकी मेहनत देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी और देश के लिए अपने प्राणों का बलिदान तक दिया, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ राजनीतिक हिंसा आम हो गई थी।

1984 के बाद बदला राजनीतिक परिदृश्य

नरेंद्र मोदी ने 1984 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कांग्रेस ने भारी बहुमत हासिल किया था, लेकिन जनता के साथ हुए विश्वासघात ने लोगों का भरोसा धीरे-धीरे भाजपा की ओर मोड़ दिया। इसके बाद भाजपा ने क्रमशः अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की और देशभर में जनसमर्थन हासिल किया।

विचारधारा का अंतर: सत्ता बनाम सेवा

प्रधानमंत्री ने उस दौर की राजनीति को दो विचारधाराओं में विभाजित करते हुए कहा कि एक विचारधारा सत्ता प्राप्ति पर केंद्रित थी, जबकि दूसरी सेवा और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देती थी। भाजपा ने हमेशा सेवा-आधारित राजनीति को अपनाया और उसी दिशा में अपने संगठन को विकसित किया।

RSS से मिली प्रेरणा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि संघ ने भाजपा को ईमानदारी, निष्ठा और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। शुरुआती वर्षों में पार्टी ने नीतियों के निर्माण पर ध्यान दिया और बाद में एक मजबूत कैडर-आधारित संगठन के रूप में खुद को स्थापित किया।

संगठन की ताकत और कार्यकर्ताओं की भूमिका

संगठन की ताकत और कार्यकर्ताओं की भूमिका
संगठन की ताकत और कार्यकर्ताओं की भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा की असली ताकत उसके कार्यकर्ता हैं, जो निस्वार्थ भाव से पार्टी के सिद्धांतों पर चलते हैं। उन्होंने कहा कि आज पार्टी जिस ऊँचाई पर है, वह लाखों कार्यकर्ताओं की वर्षों की मेहनत और त्याग का परिणाम है।

स्थापना दिवस का भावनात्मक महत्व

उन्होंने कहा कि भाजपा में पार्टी को “माँ” के रूप में देखा जाता है, इसलिए स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर कार्यकर्ता के लिए भावनात्मक अवसर होता है। यह दिन उन्हें पार्टी के प्रति आभार व्यक्त करने का मौका देता है।

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ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भाजपा की जड़ें भारतीय जनसंघ से जुड़ी हैं। 1977 में आपातकाल के बाद जनसंघ का जनता पार्टी में विलय हुआ, लेकिन ‘दोहरी सदस्यता’ विवाद के चलते अलग होकर 6 अप्रैल 1980 को भाजपा का गठन हुआ। स्थापना के बाद से भाजपा ने देश को दो प्रधानमंत्री दिए हैं—अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी।