BJP Mangal Milan Meeting: संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के संसदीय दल की साप्ताहिक ‘मंगल मिलन’ बैठक आयोजित की गई। यह बैठक संसद परिसर स्थित बालयोगी ऑडिटोरियम में हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री और एनडीए के सांसद शामिल हुए। बैठक में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। इस दौरान सरकार की विभिन्न योजनाओं, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, मुक्त व्यापार समझौतों और अन्य विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर मनसुख मांडविया का प्रस्तुतीकरण
बैठक में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल से जुड़े रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के आंकड़ों पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में रोजगार, कौशल विकास और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। उनके अनुसार, सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाना रहा है। उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों और रोजगारोन्मुखी नीतियों के कारण युवाओं की रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
सरकार ने रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़े किए साझा
प्रस्तुति के दौरान मनसुख मांडविया ने दावा किया कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच एनडीए सरकार के कार्यकाल में 17.1 करोड़ से अधिक नए रोजगार सृजित हुए, जबकि इससे पहले के यूपीए शासनकाल में यह संख्या लगभग 2.9 करोड़ थी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2025 में भारत की बेरोजगारी दर घटकर 3.1 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिसे उन्होंने कई विकसित देशों और वैश्विक औसत से बेहतर बताया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना और दो लाख करोड़ रुपये के प्रधानमंत्री रोजगार पैकेज जैसी पहलों के कारण युवाओं की रोजगार क्षमता वर्ष 2013 के 34 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 56 प्रतिशत तक पहुंच गई है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2026 तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के दायरे में 101 करोड़ से अधिक नागरिक शामिल हो चुके हैं।
एनसीपीआई की भागीदारी भी बनी चर्चा का विषय
बैठक से पहले एनसीपीआई के वरिष्ठ नेता बंधोपाध्याय ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वह पहली बार एनडीए संसदीय दल की बैठक में शामिल हो रहे हैं और उनकी पार्टी पूरी तरह एकजुट है। हालांकि, पिछले सप्ताह आयोजित ‘मंगल मिलन’ कार्यक्रम में एनसीपीआई के अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े तीन सांसदों की अनुपस्थिति को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं हुई थीं। पार्टी ने किसी भी प्रकार के मतभेद से इनकार किया, जबकि विपक्षी दलों के कुछ नेताओं ने इसे लेकर अलग-अलग दावे किए। इस बीच पार्टी ने दोहराया कि एनसीपीआई एनडीए के साथ मजबूती से खड़ी है।
एनसीपीआई सांसदों की अनुपस्थिति पर बनी रही चर्चा
एनसीपीआई के सांसद अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान इस बैठक में शामिल नहीं हुए। यह घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि हाल ही में पश्चिम बंगाल की राजनीति में हुए बदलाव के बाद कई सांसदों ने नई पार्टी का दामन थामा था और एनडीए को समर्थन देने की घोषणा की थी। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि संगठन में किसी प्रकार का आंतरिक विवाद नहीं है। बैठक के अंत में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सांसदों को संबोधित करते हुए संसद के मानसून सत्र में सरकार की प्राथमिकताओं और आगामी रणनीति पर प्रकाश डाला।
मुक्त व्यापार समझौतों और मत्स्य क्षेत्र पर भी हुई चर्चा
बैठक में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत द्वारा हाल के वर्षों में किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) की जानकारी देते हुए उनके आर्थिक और रणनीतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इन समझौतों से भारतीय निर्यात, निवेश और वैश्विक व्यापारिक साझेदारी को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने मत्स्य पालन क्षेत्र में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं, उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों और भविष्य की विकास रणनीति पर विस्तार से जानकारी दी। उल्लेखनीय है कि यह बैठक ऐसे समय हुई है जब संसद का मानसून सत्र कई राजनीतिक मुद्दों को लेकर चर्चा और विपक्ष के विरोध का केंद्र बना हुआ है। सरकार ने बैठक के माध्यम से सांसदों को अपनी उपलब्धियों, विकास योजनाओं और आगामी नीतिगत प्राथमिकताओं से अवगत कराया।
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