UP Election 2027: ‘फरवरी में अखिलेश बाबू आप भी निपट जाएंगे’, शिवराज के बयान से यूपी में मचा सियासी घमासान

उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने 2027 विधानसभा चुनाव से पहले 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा शुरू कर दी है। लखनऊ में शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। लखनऊ और बरेली में हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। अखिलेश को लेकर दिए गए उनके बयान ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।

UP Election 2027

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

नवम्बर 3, 2026

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UP Election 2027: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच बीजेपी ने अपना सियासी अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को पार्टी ने प्रदेशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा की शुरुआत की। पहले ही दिन लखनऊ और बरेली समेत कई शहरों में बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर नजर आए। हाथों में पार्टी के झंडे और लोकतंत्र बचाने के नारे लिखे पोस्टर लेकर कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला। इस दौरान लखनऊ और बरेली में 50 हजार से ज्यादा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के शामिल होने का दावा किया गया।

लखनऊ में शिवराज सिंह चौहान ने संभाली पदयात्रा की कमान

राजधानी लखनऊ में इस अभियान का नेतृत्व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। उनके साथ बड़ी संख्या में बीजेपी नेता और कार्यकर्ता पदयात्रा में शामिल हुए। यह मार्च लोकभवन से शुरू होकर केडी सिंह बाबू स्टेडियम और परिवर्तन चौक की ओर निकाला गया। पूरे रास्ते कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और पोस्टर लेकर चलते रहे।

लखनऊ में शिवराज सिंह चौहान ने संभाली पदयात्रा की कमान

इस दौरान बीजेपी ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं का कहना है कि देश में अराजकता फैलाने की कोशिशों के खिलाफ जनता को जागरूक करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है।

राहुल गांधी और कांग्रेस पर शिवराज सिंह का तीखा हमला

पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनावी मैदान में नहीं हरा पा रही है, इसलिए देश में अराजकता और षड्यंत्र का माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।

शिवराज सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी देश के मुकुट मणि हैं और करोड़ों लोगों का भरोसा उनके साथ है। उन्होंने कांग्रेस को 1975 के आपातकाल की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय लोकतंत्र की हत्या करने का पाप कांग्रेस ने किया था। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस दोबारा लोकतंत्र को कमजोर करने के अपने मंसूबों में कामयाब नहीं होगी।

अखिलेश यादव पर भी बरसे शिवराज

बीजेपी की इस पदयात्रा में समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव भी निशाने पर रहे। शिवराज सिंह चौहान ने वोटर लिस्ट में एक व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज होने के मुद्दे पर विपक्ष से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि अगर किसी मतदाता का नाम दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज है, तो एक जगह से उसका नाम हटना चाहिए या नहीं? अखिलेश यादव को इस सवाल का जवाब देना चाहिए।

अखिलेश यादव पर भी बरसे शिवराज

इसके बाद शिवराज सिंह ने विपक्षी दलों के चुनावी प्रदर्शन पर तंज कसते हुए कहा कि बंगाल से लेकर राजस्थान और मध्य प्रदेश तक विपक्ष को हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, ‘फरवरी में अखिलेश बाबू, आप भी निपट जाएंगे।’ उनके इस बयान के बाद यूपी की सियासत में बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।

1905, 1947 और अब… देश को बांटने की कोशिश का लगाया आरोप

शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए इतिहास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश को तीन बार बांटने की कोशिश हुई। पहली बार 1905 में लॉर्ड कर्जन ने बंगाल का विभाजन किया, दूसरी बार 1947 में मोहम्मद अली जिन्ना के दौर में देश का बंटवारा हुआ और अब कांग्रेस, समाजवादी पार्टी तथा इंडिया गठबंधन के दूसरे दल देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल सत्ता परिवर्तन का सपना देख रहे हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने में लगे हैं। हालांकि, ये सभी आरोप शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी दलों पर लगाए हैं।

यूपी में 3 से 5 नवंबर तक BJP का प्रदेशव्यापी अभियान

बीजेपी का ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान 3 से 5 नवंबर तक प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में चलाया जा रहा है। इसके जरिए पार्टी कार्यकर्ता अलग-अलग जिलों में पदयात्रा और जनसंपर्क के माध्यम से लोगों तक अपनी बात पहुंचाएंगे।

राजनीतिक जानकारों की नजर इस अभियान पर इसलिए भी है, क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो रहे हैं। ऐसे में बीजेपी की यह पदयात्रा सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि चुनाव से पहले जनता के बीच अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश के तौर पर भी देखी जा रही है।

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