
West Bengal: पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद नवनिर्वाचित विधायक रितेश तिवारी अपने एक बयान के कारण विवादों में घिर गए हैं। विधायक ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि जिन क्षेत्रों के मुस्लिम मतदाताओं ने उन्हें वोट नहीं दिया, वहां वे विकास कार्य नहीं कराएंगे और न ही कोई प्रमाण पत्र जारी करेंगे। उनके इस बयान, जिसमें उन्होंने ‘सबका साथ-सबका विकास’ के साथ ‘सबका हिसाब’ जोड़ने की बात कही है, ने एक बड़ी राजनीतिक बहस छेड़ दी है कि क्या एक निर्वाचित प्रतिनिधि इस तरह का भेदभाव कर सकता है।











