BJP General Fund: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के समक्ष अपनी वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। यह रिपोर्ट दर्शाती है कि पार्टी न केवल राजनीतिक रूप से बल्कि आर्थिक रूप से भी देश की सबसे शक्तिशाली इकाई बनी हुई है। पिछले एक साल में भाजपा की संपत्ति और चंदे में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।
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रिकॉर्ड तोड़ डोनेशन और जनरल फंड में भारी बढ़ोतरी
बताते चले कि, ऑडिट रिपोर्ट के सबसे चौंकाने वाले आंकड़े पार्टी को मिलने वाले चंदे से जुड़े हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में भाजपा को कुल 6,125 करोड़ रुपये का चंदा प्राप्त हुआ। यह पिछले वर्ष के 3,967 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 54 प्रतिशत की शानदार वृद्धि है। इस भारी निवेश के कारण 31 मार्च 2025 तक पार्टी का ‘जनरल फंड’ बढ़कर 12,164 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल 9,169 करोड़ रुपये था।
बैंक जमा राशि और सावधि जमा (FD) से अर्जित आय
आपको बता दे कि, पार्टी की वित्तीय सुदृढ़ता का अंदाजा उसके बैंक बैलेंस से लगाया जा सकता है। भाजपा के पास वर्तमान में 9,390 करोड़ रुपये की सावधि जमा (FD) मौजूद है। दिलचस्प बात यह है कि पार्टी को केवल बैंकों से मिलने वाले ब्याज के रूप में 634 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने 65.92 करोड़ रुपये का आयकर रिफंड दाखिल किया, जिस पर उसे 4.40 करोड़ रुपये का ब्याज भी प्राप्त हुआ।
चुनाव प्रचार और चुनावी विज्ञापनों पर दोगुना खर्च
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में आम आदमी पार्टी और ओडिशा में बीजू जनता दल जैसी क्षेत्रीय शक्तियों को चुनौती देने के उद्देश्य से भाजपा ने अपने चुनावी खर्च में भारी बढ़ोतरी की है। पार्टी का कुल चुनावी खर्च पिछले साल के 1,754 करोड़ रुपये से लगभग दोगुना होकर 3,335.36 करोड़ रुपये तक पहुँच गया। यह राशि पार्टी के वर्ष 2024-25 के कुल वार्षिक खर्च का लगभग 88 प्रतिशत हिस्सा है।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और हवाई यात्राओं पर करोड़ों का निवेश
चुनावी अभियान को आक्रामक बनाने के लिए भाजपा ने विभिन्न माध्यमों पर दिल खोलकर खर्च किया है। डिजिटल युग की महत्ता को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रचार पर सबसे अधिक 1,125 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके अलावा, नेताओं की त्वरित आवाजाही के लिए विमानों और हेलीकॉप्टरों पर 583 करोड़ रुपये खर्च हुए। विज्ञापनों, होर्डिंग्स और बैनरों पर भी लगभग 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया, जबकि उम्मीदवारों को सीधे तौर पर 312.9 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई।
नए अध्यक्ष नितिन नबीन के पास वित्तीय संसाधनों का नियंत्रण
पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव के साथ ही अब इन विशाल वित्तीय संसाधनों की कमान नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के हाथों में आ गई है। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान पार्टी के खातों में 2,882.32 करोड़ रुपये की शुद्ध वृद्धि हुई है। अब इन वैधानिक अधिकारों के साथ नितिन नबीन के पास आगामी चुनावों के लिए पार्टी की रणनीतियों को वित्तीय गति देने की पूरी जिम्मेदारी होगी।
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