Bitcoin Price : क्रिप्टो मार्केट में पिछले दो दिनों से भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। गुरुवार को सबसे बड़ी क्रिप्टोक्यूरेंसी बिटकॉइन का भाव 12.6% गिरकर 63,300 डॉलर पर पहुंच गया, जो अक्टूबर 2024 के बाद का सबसे निचला स्तर है। यह नवंबर 2022 के बाजार उथल-पुथल के बाद बिटकॉइन की सबसे बड़ी दैनिक गिरावट रही। शुक्रवार को भी बिटकॉइन लाल निशान में रही और 9% गिरकर 65,000 डॉलर पर कारोबार कर रही थी।
इस हफ्ते बिटकॉइन अब तक 17% गिर चुका है और साल 2026 में इसकी कीमत 28% तक कम हो चुकी है। दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी ईथर में भी दबाव रहा, और यह एक दिन में 13% से ज्यादा टूट गई। 2026 में अब तक ईथर में लगभग 38% की गिरावट आई है। अक्टूबर 2025 के रिकॉर्ड हाई के बाद से क्रिप्टो मार्केट कैप $2 ट्रिलियन से अधिक घट चुका है।
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गिरावट के पीछे कारण

विशेषज्ञों का कहना है कि क्रिप्टो मार्केट में यह उथल-पुथल कई कारणों से हुई है। जोखिम से बचने की प्रवृत्ति, भारी लिक्विडेशन, टेक शेयरों में कमजोरी और अमेरिकी सख्त मौद्रिक नीति की आशंकाएं निवेशकों को हिला रही हैं। कॉइनग्लास के आंकड़ों के अनुसार, केवल 24 घंटे में करीब $1 बिलियन के बिटकॉइन पोजीशन जबरन बंद कर दिए गए। लीवरेज लेकर ट्रेड करने वाले निवेशकों को कीमत गिरने पर अपने पोजीशन छोड़ने पड़े, जिससे बिकवाली तेजी से बढ़ गई और पूरे क्रिप्टो बाजार में डोमिनो प्रभाव देखा गया।
सोना-चांदी और शेयर बाजार पर असर
क्रिप्टो बाजार की कमजोरी ऐसे समय आई जब वैश्विक निवेशक पहले ही जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बना रहे थे। कीमती धातुओं में अस्थिरता और टेक शेयरों में व्यापक बिकवाली ने माहौल और खराब किया। चांदी एक ही सत्र में 18% तक गिर गई, जबकि सोने में भी अस्थिरता बढ़ी। S&P 500 सात हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि नैस्डैक दो महीने से ज्यादा के निचले स्तर पर फिसल गया।
कैपिटुलेशन मोड में क्रिप्टो
कॉइन ब्यूरो के सह-संस्थापक निक पकरिन ने कहा कि क्रिप्टो बाजार अब पूरी तरह कैपिटुलेशन मोड में है। उन्होंने बताया कि यह छोटी अवधि का सुधार नहीं, बल्कि वितरण चरण से रीसेट की ओर संक्रमण है, जो महीनों तक जारी रह सकता है। अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर बढ़ती चिंता भी गिरावट का बड़ा कारण है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व के अगले चेयर के रूप में केविन वॉर्श को चुनने के फैसले से निवेशक घबराए।
संस्थागत निवेशकों का दबाव
संस्थागत निवेशकों द्वारा क्रिप्टो उत्पादों से पैसा निकालने का दबाव भी बना हुआ है। डॉयचे बैंक के विश्लेषकों ने बताया कि व्यापक गिरावट का मुख्य कारण संस्थागत ETF से भारी निकासी रही है। अक्टूबर 2025 के बाद से हर महीने अरबों डॉलर निकाले जा रहे हैं। जनवरी में अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन ETFs से $3 बिलियन से अधिक निकासी हुई, जबकि दिसंबर में लगभग $2 बिलियन और नवंबर में $7 बिलियन निकाले गए।
टेक सेक्टर में कमजोरी का असर
बिटकॉइन अब टेक शेयरों, खासकर AI से जुड़े शेयरों के साथ अधिक तालमेल दिखा रहा है। सॉफ्टवेयर और AI शेयरों में तेज गिरावट से निवेशकों ने डिजिटल संपत्तियों में जोखिम घटाया। इस प्रकार बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी में भारी बेचवाली का सिलसिला जारी है।
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