
Binance Crypto Hack : दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Binance पर अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी चोरी का मामला सामने आया है। इस साइबर हमले में करीब 6.3 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी चोरी होने की जानकारी सामने आई है। अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने इस घटना के पीछे उत्तर कोरिया से जुड़े हैकरों का हाथ बताया है। एजेंसी के मुताबिक, यह हमला 29 अक्टूबर 2026 के आसपास हुआ। चोरी की रकम और हमले के तरीके ने वैश्विक क्रिप्टो बाजार में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
FBI ने TraderTraitor समूह को ठहराया जिम्मेदार
FBI ने 31 अक्टूबर को जारी साइबर अलर्ट में कहा कि उत्तर कोरिया से जुड़ी साइबर गतिविधि के पीछे ‘TraderTraitor’ नाम का समूह है। एजेंसी ने बताया कि इस समूह ने Binance से 6 अरब डॉलर से अधिक की वर्चुअल संपत्ति चुराई है। FBI ने इस मामले में अमेरिकी सीक्रेट सर्विस और आंतरिक राजस्व सेवा की आपराधिक जांच इकाई के साथ मिलकर कार्रवाई की जानकारी दी है।
जांच एजेंसी ने दुनिया भर की क्रिप्टोकरेंसी कंपनियों, डिजिटल एक्सचेंजों, ब्लॉकचेन नेटवर्क संचालकों और डिजिटल लेनदेन पर नजर रखने वाली संस्थाओं से सहयोग मांगा है। FBI ने संबंधित कंपनियों से उन डिजिटल वॉलेट पतों से जुड़े लेनदेन रोकने की अपील की है, जिनका इस्तेमाल चोरी की रकम को स्थानांतरित करने में किया जा रहा है। एजेंसी का उद्देश्य है कि हैकर चोरी की संपत्ति को दूसरे खातों में भेजकर उसकी पहचान और स्रोत छिपा न सकें।
चोरी की रकम को Ethereum में बदल रहे हैकर
FBI के मुताबिक, जांच के दौरान पता चला है कि TraderTraitor समूह चोरी की गई डिजिटल संपत्ति को मुख्य रूप से Ethereum यानी ETH में बदल रहा है। एजेंसी को आशंका है कि हैकर आगे इस रकम को छिपाने के लिए DeFi प्लेटफॉर्म और इंस्टेंट स्वैप सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
DeFi यानी विकेंद्रीकृत वित्तीय व्यवस्था ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होती है। इसमें पारंपरिक बैंक या वित्तीय संस्थान की जरूरत के बिना डिजिटल लेनदेन और वित्तीय सेवाएं संचालित की जा सकती हैं। वहीं, इंस्टेंट स्वैप सेवाओं के जरिए एक क्रिप्टोकरेंसी को दूसरी डिजिटल करेंसी में तेजी से बदला जा सकता है। जांच एजेंसियों के लिए ऐसी सेवाओं के जरिए रकम का पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

Binance ने ग्राहकों को नुकसान की भरपाई का भरोसा दिया
हमले के बाद Binance ने ग्राहकों को भरोसा दिलाया है कि चोरी से हुए नुकसान का वित्तीय बोझ कंपनी खुद उठाएगी। कंपनी ने 31 अक्टूबर को बताया कि उसने करीब 6.3 अरब डॉलर की प्रभावित रकम में से लगभग 6 अरब डॉलर की भरपाई के लिए जरूरी डिजिटल टोकन की व्यवस्था कर ली है। कंपनी के अनुसार, शेष 10 प्रतिशत से कम रकम की व्यवस्था में कम तरलता वाली संपत्तियों के कारण अधिक समय लग सकता है।
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, Binance ने नुकसान की भरपाई के लिए अपने यूजर्स की सुरक्षा निधि, फ्यूचर्स इंश्योरेंस फंड और कंपनी के खजाने से रकम का इस्तेमाल किया है। कंपनी ने अपनी सुरक्षा निधि को दोबारा लगभग एक अरब डॉलर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी जताई है।
क्रिप्टो बाजार की सुरक्षा पर बढ़े सवाल
इस घटना ने एक बार फिर डिजिटल करेंसी एक्सचेंजों की साइबर सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। FBI और दूसरी एजेंसियां चोरी की रकम से जुड़े वॉलेट और लेनदेन की निगरानी कर रही हैं। अब चुनौती यह है कि हैकरों को रकम दूसरी क्रिप्टोकरेंसी में बदलने और उसे अलग-अलग नेटवर्क के जरिए छिपाने से कैसे रोका जाए।
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