Bijapur Encounter: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में शनिवार को सुरक्षा बलों को माओवाद विरोधी अभियान में एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। नेशनल पार्क एरिया में हुई इस भीषण मुठभेड़ में जवानों ने दो कुख्यात इनामी नक्सलियों समेत कुल 6 माओवादियों को ढेर कर दिया। बस्तर क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में इसे एक प्रभावी प्रहार माना जा रहा है।
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बीजापुर एनकाउंटर और संयुक्त सर्च ऑपरेशन की पूरी जानकारी
बताते चले कि, बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में शनिवार, 17 जनवरी 2026 को माओवादियों की उपस्थिति की खुफिया सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने एक निर्णायक संयुक्त अभियान शुरू किया। इस मिशन में जिला पुलिस बल (DRG), कोबरा (CoBRA) और एसटीएफ (STF) की विशेष टीमों को शामिल किया गया था। बीजापुर पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव के नेतृत्व में जब बल जंगल के भीतर पहुंचा, तो घात लगाकर बैठे माओवादियों ने फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की रणनीतिक घेराबंदी और जवाबी कार्रवाई के सामने नक्सली टिक नहीं सके और उन्हें जान बचाकर भागना पड़ा।
मारे गए नक्सलियों की संख्या
आपको बता दे कि, मुठभेड़ के थमने के बाद जब सुरक्षा बलों ने इलाके में सघन तलाशी अभियान (Search Operation) चलाया, तो वहां से कुल 6 वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए। शुरुआती तलाशी में कुछ शव मिले थे, लेकिन बाद में सर्चिंग के दौरान दो और शव मिलने से कुल संख्या 6 तक पहुँच गई। घटनास्थल से जवानों ने हथियारों का बड़ा जखीरा भी जब्त किया है। बरामद सामग्री में एक AK-47 राइफल, INSAS राइफल, एक कार्बाइन और .303 राइफल सहित कुल 6 घातक हथियार शामिल हैं। हथियारों की यह बरामदगी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नक्सली क्षेत्र में किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
नेशनल पार्क एरिया कमेटी को लगा झटका
पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक पहचान की प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। मारे गए 6 नक्सलियों में 4 महिला कैडर शामिल हैं। पहचान के अनुसार, इनमें नेशनल पार्क एरिया कमेटी के शीर्ष और कुख्यात चेहरे शामिल थे। प्रमुख रूप से DVCM दिलीप बेड़जा, ACM माड़वी कोसा, ACM लक्खी मड़काम और पार्टी सदस्य राधा मेट्टा की मौत की पुष्टि हो चुकी है। ये नक्सली पिछले कई वर्षों से बस्तर और बीजापुर के इलाकों में सक्रिय थे और कई बड़ी वारदातों में वांछित थे। शेष दो नक्सलियों की शिनाख्त के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।
बस्तर में शांति बहाली और सुरक्षा बलों की भावी रणनीति
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) सुंदरराज पट्टिलिंगम ने इस सफल ऑपरेशन पर संतोष व्यक्त करते हुए जवानों की बहादुरी की सराहना की है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास और शांति सुनिश्चित करने के लिए सशस्त्र माओवादियों के खिलाफ ऐसे सटीक और निर्णायक अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। सुरक्षा बलों ने वर्तमान में पूरे नेशनल पार्क और पहाड़ी क्षेत्रों की घेराबंदी कर रखी है और भागे हुए नक्सलियों की तलाश में बड़े पैमाने पर ‘कॉम्बिंग ऑपरेशन’ चलाया जा रहा है।
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