बिहार की रेल लाइफलाइन को मिली नई रफ्तार, मोकामा पुल और फ्लाईओवर से खत्म होगी ट्रेनों की लेटलतीफी

 पटना बिहार में उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाली लाइफलाइन यानी मोकामा के गंगा पुल बनकर तैयार है. दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार के अनुसार, पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह तैयार है और वर्तमान में इसे पटना-झाझा मेन रेल लाइन से जोड़ने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है. इस पुल के शुरू होते ही न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि बरौनी और बेगूसराय की ओर जाने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा. फिनिशिंग स्टेज में प्रोजेक्ट, जल्द होगा ट्रायल दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार के अनुसार, पुल पर सिग्नलिंग, विद्युतीकरण और ट्रैक बिछाने

Wrriten By :

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Published On :

अप्रैल 8, 2026

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 पटना

बिहार में उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाली लाइफलाइन यानी मोकामा के गंगा पुल बनकर तैयार है. दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार के अनुसार, पुल का मुख्य ढांचा पूरी तरह तैयार है और वर्तमान में इसे पटना-झाझा मेन रेल लाइन से जोड़ने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है.

इस पुल के शुरू होते ही न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि बरौनी और बेगूसराय की ओर जाने वाले यात्रियों का समय भी बचेगा.

फिनिशिंग स्टेज में प्रोजेक्ट, जल्द होगा ट्रायल
दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार के अनुसार, पुल पर सिग्नलिंग, विद्युतीकरण और ट्रैक बिछाने का काम अंतिम चरण में है. अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि जून तक इसे पूरी तरह चालू किया जा सके.

राजेंद्र सेतु काफी पुराना हो चुका है, जिसके कारण इस पर ट्रेनों की गति धीमी रहती है. नया पुल अत्याधुनिक तकनीक से बनाया गया है, जो तेज रफ्तार और भारी ट्रेनों का भार आसानी से सह सकेगा. इससे ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और सफर का समय कम होगा.

फ्लाईओवर से नहीं रुकेगी ट्रेनें
नए पुल की खासियत यह है कि इसके दोनों छोर पर रेल ओवर रेल (ROR) फ्लाईओवर बनाए गए हैं. इससे मेन लाइन की ट्रेनें बिना रुके गुजर सकेंगी और उत्तर बिहार की ओर जाने वाली ट्रेनें सीधे फ्लाईओवर के जरिए पुल पर चढ़ेंगी. इससे जाम और देरी की समस्या खत्म होगी.

यह पुल भविष्य में वंदे भारत और अमृत भारत जैसी तेज रफ्तार ट्रेनों के लिए भी पूरी तरह सक्षम होगा. इसके साथ ही पटना में पाटलिपुत्र कोच कॉम्पलेक्स का निर्माण भी जारी है, जहां अगले दो वर्षों में इन ट्रेनों की मेंटेनेंस की सुविधा उपलब्ध होगी.

पटना जंक्शन का होगा विस्तार
रेलवे की नजर भविष्य के ट्रैफिक दबाव पर है. पटना जंक्शन के विस्तार के लिए हार्डिंग पार्क की जमीन पर फेज-टू का काम शुरू हो चुका है, जहां मेमू ट्रेनों के लिए अलग

प्लेटफॉर्म और लिफ्ट जैसी सुविधाएं होंगी.
साथ ही, डीडीयू से झाझा के बीच 400 किमी लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना को भी मंजूरी मिल गई है. बख्तियारपुर से किउल खंड के बीच अतिरिक्त लाइनें बिछने से ट्रेनों की लेटलतीफी बीते दौर की बात हो जाएगी और बिहार का रेल नेटवर्क देश के सबसे आधुनिक नेटवर्क में शुमार होगा.

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