CJP on Arresting Protesters: ‘प्रोटेस्ट खत्म होने के बाद भी पुलिस का अत्याचार…’ बिहार में छात्रों की गिरफ्तारी पर गरमाई सियासत

बिहार के विभिन्न जिलों में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों के खिलाफ सियासत तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली समझौते का हवाला देते हुए मुकदमे वापस लेने की मांग की है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी चेतावनी दी है कि यदि छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो एनडीए सरकार को भारी परिणाम भुगतना पड़ेगा।

CJP on Arresting Protesters

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जुलाई 27, 2026

CJP on Arresting Protesters: बिहार के विभिन्न जिलों में नीट परीक्षा और अन्य छात्र आंदोलनों के बाद प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। राजधानी पटना, छपरा, बेगूसराय और सीतामढ़ी समेत कई अन्य जिलों में पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर प्रदर्शनकारियों को चिह्नित कर उनकी धड़ल्ले से गिरफ्तारियां कर रही है। इस बीच, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) ने इस पुलिसिया कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन ने अपने आधिकारिक एक्स (X) हैंडल से पोस्ट करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बंगाल के अधिकारी सुभेंदु अधिकारी को टैग करते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। सीजेपी ने साफ शब्दों में कहा है कि केंद्र सरकार की ओर से जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा दिए गए भरोसे को तोड़ा न जाए और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी फर्जी आपराधिक मामलों को तुरंत वापस लिया जाए।

CJP ने एक्स पोस्ट के जरिए की छात्रों पर हो रही कार्रवाई रोकने की अपील

बताते चले कि, मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को एक और तीखा एक्स पोस्ट साझा किया। इसमें देश भर की पुलिस से आग्रह किया गया कि वे 25 जुलाई को दिल्ली में हुए महत्वपूर्ण समझौते का पूरी तरह से पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि किसी भी बेकसूर छात्र या युवा के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। सीजेपी का कहना है कि जब केंद्र स्तर पर बातचीत के बाद आंदोलनकारियों को लेकर सहमति बन चुकी है, तो फिर स्थानीय स्तर पर इस तरह की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां और पुलिसिया प्रताड़ना पूरी तरह से उस समझौते के खिलाफ है, जिससे छात्रों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

तेजस्वी यादव का मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर बड़ा हमला

इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रामक रुख अपनाते हुए नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी समझौतों के उल्लंघन और हो रही ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर तीखा प्रहार करते हुए तेजस्वी ने चेतावनी दी है कि यदि हालात नहीं सुधरे तो एनडीए सरकार को इसका बहुत भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट करते हुए तेजस्वी यादव ने लिखा कि बिहार में उन लोगों के हाथों सत्ता है जो लोकतांत्रिक परंपराओं को ताक पर रखकर प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोलियां चलवा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों से हुए समझौते के बावजूद सूबे में हजारों बेकसूर छात्रों पर फर्जी मुकदमे लादकर उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है और उनके परिवारों को जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है।

दिल्ली समझौते के बाद भी गिरफ्तारियों से बढ़ा सियासी पारा

गौरतलब है कि जब कॉकरोच जनता पार्टी और छात्र संगठनों की उच्च स्तर पर जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से बातचीत हुई थी, तब यह स्पष्ट समझौता तय हुआ था कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तो एक मांग थी ही, साथ ही आंदोलन के दौरान देश भर में छात्रों पर दर्ज किए गए सभी मुकदमों को पूरी तरह से रद्द किया जाएगा। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर विभिन्न राज्यों और खासकर बिहार में हो रही गिरफ्तारियों ने इस राजनीतिक समझौते पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। इन ताजा हालातों के बाद सूबे की राजनीति एक बार फिर उफान पर है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक विकराल रूप ले सकता है।