Bihar Politics: कौन होगा बिहार का अगला CM? जीतन राम मांझी के बयान से मची खलबली

बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद अप्रैल 2026 में इस्तीफा देने की चर्चा है। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को अगला सीएम माना जा रहा है, जबकि आरजेडी ने इसे सत्ता की होड़ करार दिया है। एनडीए में एकजुटता के दावों के बीच जीतन राम मांझी का बयान सुर्खियों में है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 20, 2026

Bihar Politics: बिहार की राजनीति इस वक्त एक बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ी नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद राज्य के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अगले महीने, यानी अप्रैल 2026 में, वे मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ सकते हैं। इस संभावित इस्तीफे की खबरों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार की कमान किसके हाथ में होगी?

मुख्यमंत्री पद की रेस और सम्राट चौधरी की दावेदारी

वर्तमान राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि खुद नीतीश कुमार ने पिछले कुछ समय में इशारों-इशारों में सम्राट चौधरी के प्रति अपनी पसंद जाहिर की है। हालांकि, राजनीति के जानकार ‘चौंकाने वाले चेहरों’ की संभावना से भी इनकार नहीं कर रहे हैं, क्योंकि भाजपा पूर्व में भी अप्रत्याशित फैसले लेने के लिए जानी जाती रही है। नीतीश कुमार के इन संकेतों ने गठबंधन के भीतर और बाहर बयानबाजी का दौर शुरू कर दिया है।

आरजेडी का तंज

बिहार में जारी इस खींचतान पर मुख्य विपक्षी दल आरजेडी ने तीखा हमला बोला है। शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को आरजेडी प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि अभी मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया भी नहीं है, लेकिन एनडीए के भीतर मुख्यमंत्री बनने की होड़ मची हुई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा और जेडीयू में दर्जन भर लोग सीएम पद के लिए बेचैन हैं और चिराग पासवान की भी अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं। अहमद के अनुसार, बिहार में ‘एक अनार सौ बीमार’ वाली स्थिति पैदा हो गई है, जहाँ नेताओं को जनता की समस्याओं से ज्यादा अपनी सत्ता की लड़ाई में दिलचस्पी है।

बीजेपी की सफाई

विपक्ष के आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की है। बिहार बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और मुख्यमंत्री के नाम पर कोई विवाद नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगला मुख्यमंत्री जो भी होगा, वह एनडीए के सभी घटक दलों की सहमति और नीतीश कुमार के आशीर्वाद से ही चुना जाएगा। नीरज कुमार के मुताबिक, बिहार में व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा की कोई लड़ाई नहीं है; प्राथमिकता केवल बिहार को एक विकसित राज्य बनाना और विकास की गति को तेज करना है।

जीतन राम मांझी का बड़ा बयान

इस पूरे घटनाक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। गुरुवार, 19 मार्च को एक इफ्तार कार्यक्रम के दौरान मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार एक पारदर्शी व्यक्ति हैं और जो सोचते हैं, वही करते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से संकेत दिया कि यदि नीतीश कुमार सम्राट चौधरी को आगे बढ़ाने का इशारा कर रहे हैं, तो यह मान लेना चाहिए कि वे अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। मांझी के इस बयान के बाद सम्राट चौधरी के नाम पर चर्चा और भी पुख्ता हो गई है।