Bihar News: बिहार में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस मामले में राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि यह एनकाउंटर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर हुआ है और इसमें उच्च स्तर से संदेश भेजे जाने की बात भी सामने आई है। तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष लगातार सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है।
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मीडिया बातचीत में सरकार पर लगाए आरोप
गुरुवार (2 जुलाई 2026) को मीडिया से बातचीत के दौरान तेजस्वी यादव से भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है और सरकार केवल दिखावटी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है और गंभीर मामलों में उचित सुनवाई और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही है। उनके अनुसार, यह पूरा मामला सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करता है।
‘सीएम की अनुमति के बिना कुछ नहीं होता’ – तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि राज्य में किसी भी बड़े फैसले के लिए मुख्यमंत्री की अनुमति आवश्यक होती है। उन्होंने दावा किया कि गृह विभाग से जुड़े मामलों में भी उच्च स्तर पर ही निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास मिली जानकारी के अनुसार किसी बड़े अधिकारी द्वारा संदेश भेजे जाने के बाद यह एनकाउंटर हुआ। उनके इस बयान ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
एनकाउंटर मामले में पहले से जांच और कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में शाहपुर के एसडीपीओ राजेश शर्मा पर एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद उन्हें पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया गया था। बाद में उन्हें नई पोस्टिंग दी गई और अब उन्हें मद्य निषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो इकाई में डीएसपी के पद पर तैनात किया गया है। इस प्रशासनिक बदलाव को लेकर भी विपक्ष सवाल उठा रहा है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
नीतीश कुमार पर भी तेजस्वी का बयान
इसी मुद्दे के साथ-साथ तेजस्वी यादव ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के योग्य हैं, लेकिन उन्हें उप प्रधानमंत्री जैसे पद से जोड़कर चर्चा करना उनके सम्मान के खिलाफ है। तेजस्वी ने इसे राजनीतिक रूप से गलत बताते हुए कहा कि इस तरह की बातें केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए की जा रही हैं।
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राजनीतिक माहौल में बढ़ी गर्मी
भरत तिवारी एनकाउंटर मामला अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक विवाद बन चुका है। विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से अभी तक इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।










