Nalanda Stampede: नालंदा के प्रसिद्ध सिद्धपीठ मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था फेल, भगदड़ में गई कई लोगों की जान

बिहार के नालंदा में स्थित प्रसिद्ध मघड़ा शीतला माता मंदिर में चैत माह के आखिरी मंगलवार को पूजा के दौरान अचानक भगदड़ मच गई। इस भीषण हादसे में अब तक 5 महिला श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हैं। मंदिर परिसर में उमड़ी भारी भीड़ और लचर सुरक्षा व्यवस्था को इस हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 31, 2026

Nalanda Stampede:  बिहार के नालंदा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। मंगलवार, 31 मार्च 2026 की सुबह यहां के प्रसिद्ध मघड़ा शीतला मंदिर में अचानक भगदड़ मच गई। मिली जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक हादसे में अब तक 5 महिला श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक दर्जन से भी अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। यह पूरी घटना दीपनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मघड़ा गांव की है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा थी और प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यह भयावह स्थिति पैदा हुई। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।

सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चौपट होने का आरोप

बताते चले कि, स्थानीय लोगों और चश्मदीदों का कहना है कि हर सप्ताह के दूसरे दिन यानी मंगलवार को इस ऐतिहासिक मंदिर में मत्था टेकने और पूजा-अर्चना करने के लिए हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं। चूंकि आज चैत महीने का आखिरी मंगलवार था, इसलिए सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा था। आरोप है कि इतनी बड़ी संख्या में पहुंचने वाले लोगों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल या बैरिकेडिंग की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। इसी बीच अचानक मंदिर परिसर में किसी बात को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और देखते ही देखते यह भगदड़ में तब्दील हो गया। सूचना मिलते ही कई एंबुलेंस और जिले के आला अधिकारी (एसडीएम सहित) घटना स्थल पर पहुंच चुके हैं।

मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

आपको बता दे कि, इस भयानक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मंदिर प्रांगण में चारों तरफ जूते-चप्पल और सामान बिखरे पड़े नजर आए। पुलिस और स्थानीय युवाओं की मदद से घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल और जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल भेजा गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, कई घायलों की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है क्योंकि दम घुटने और पैरों के नीचे कुचले जाने की वजह से उन्हें गहरी अंदरूनी चोटें आई हैं। प्रशासन लगातार स्थिति को काबू में करने और पीड़ितों के परिजनों को सूचित करने में जुटा हुआ है।

बिहारशरीफ से महज 5 किमी दूर स्थित है यह शक्तिपीठ

जिस मघड़ा शीतला माता मंदिर में यह खौफनाक हादसा हुआ, उसका इतिहास बेहद गौरवशाली और सदियों पुराना है। जिला मुख्यालय बिहारशरीफ से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गांव की पहचान एक जागृत सिद्धपीठ के रूप में की जाती है। इस मंदिर की महत्ता और धार्मिक मान्यता न केवल बिहार बल्कि पूरे देश और विदेशों तक फैली हुई है। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, गुप्त वंश के महान शासक चंद्रगुप्त द्वितीय (विक्रमादित्य) के शासनकाल के दौरान भारत आए मशहूर चीनी यात्री ‘फाह्यान’ ने भी इस सिद्धपीठ की यात्रा की थी और माता की पूजा-अर्चना की थी।

जांच के घेरे में स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन

चैत के महीने में इस मंदिर का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इसी आस्था के चलते बीते 10 मार्च से यहां शीतला माता के वार्षिक और अद्भुत मेले का भव्य शुभारंभ हुआ था। सरकारी तौर पर यह मुख्य मेला भले ही तीन दिनों तक चला था, लेकिन पूरे चैत माह के दौरान यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की मन्नत मांगने आए परिवारों में इस दर्दनाक हादसे के बाद मातम पसर गया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब प्रशासन को पता था कि चैत के आखिरी मंगलवार को इतनी भारी भीड़ उमड़ती है, तो समय रहते कड़े सुरक्षा इंतजाम क्यों नहीं किए गए?