Bihar Mid Day Meal: 50 से ज्यादा बच्चों की तबीयत खराब, जांच की मांग तेज

बिहार के खगड़िया जिले के प्राथमिक विद्यालय सुखदेव सुमन साह लेवा में मिड-डे मील में भारी लापरवाही का मामला सामने आया है।

Bihar Mid Day Meal

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 30, 2026

Bihar Mid Day Meal: बिहार के खगड़िया जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद घटना सामने आई है, जहाँ मिड-डे मील में बरती गई घोर लापरवाही ने 50 से अधिक मासूम बच्चों की जान जोखिम में डाल दी। जिले के गोगरी अनुमंडल स्थित प्राथमिक विद्यालय, सुखदेव सुमन साह लेवा में उस समय हड़कंप मच गया, जब दोपहर का भोजन करने के बाद एक के बाद एक कई बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। यह मामला स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

Bihar Politics : 10 सर्कुलर रोड से लालू-राबड़ी की विदाई, क्या बिहार में एक बड़े राजनीतिक युग का अंत?

खाने में ‘पिल्लू’ और बच्चों की चीख-पुकार

घटना की शुरुआत उस समय हुई जब बच्चे अपने स्कूल के मिड-डे मील का आनंद ले रहे थे। तभी कुछ बच्चों ने खाने में पिल्लू (कीड़े) होने की शिकायत की। शुरुआत में इसे मामूली समझकर नजरअंदाज करने की कोशिश की गई, लेकिन जल्द ही भोजन का असर दिखने लगा। खाना खाने वाले दर्जनों बच्चों को एक साथ पेट दर्द, उल्टी और बेचैनी होने लगी। स्कूल परिसर में देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बच्चों की बिगड़ती हालत को देखकर स्कूल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए और उन्होंने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी।

अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों की निगरानी में मासूम

मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। मौके पर कई एंबुलेंस बुलाई गईं और बीमार बच्चों को आनन-फानन में गोगरी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया गया। वर्तमान में सभी बच्चों का इलाज अस्पताल में डॉक्टरों की विशेष निगरानी में चल रहा है। गोगरी अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर बनी हुई है और वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के एक साथ बीमार पड़ने से अभिभावकों में गहरा आक्रोश है।

प्रशासन की जांच और कार्रवाई का आश्वासन

घटना की खबर मिलते ही गोगरी के एसडीओ (SDO) अपनी मेडिकल टीम के साथ तुरंत प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। अधिकारियों ने स्कूल पहुंचकर मिड-डे मील की रसोई का मुआयना किया और भोजन की गुणवत्ता की जांच शुरू की। प्रशासन ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। भोजन के नमूनों को जब्त कर लिया गया है और उन्हें लैब में जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह मिड-डे मील योजना में एक बड़ी चूक है। एसओडी ने आश्वासन दिया है कि जांच में यदि लापरवाही या भोजन की खराब गुणवत्ता की पुष्टि होती है, तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल, इस घटना ने एक बार फिर बिहार में सरकारी स्कूलों में मिलने वाले भोजन की सुरक्षा और स्वच्छता के दावों की पोल खोल दी है। परिजन अब दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी अन्य बच्चे की जान के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो सके।

Bihar Politics: राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर बड़ा अपडेट, CCTV हटे; बंगला खाली करने की अंतिम चेतावनी