Bihar Flood News: बिहार में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर और तेज बहाव ने बाढ़ की स्थिति को और गंभीर कर दिया है। पश्चिम चंपारण में गंडक नदी के बाएं किनारे पर बना चंपारण तटबंध दो स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। सोमवार देर रात हुई इस घटना के बाद आसपास के इलाकों में पानी फैलने लगा है। स्थिति को देखते हुए जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर बचाव एवं राहत कार्य में जुट गई हैं।
जल संसाधन विभाग के अनुसार, पश्चिम चंपारण के बगहा प्रखंड के खैरतवा गांव और बैरिया प्रखंड के फुलियाखाड़ गांव के पास तटबंध को नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गंडक नदी के अत्यधिक दबाव के कारण तटबंध कमजोर पड़ा और टूट गया।
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कुशीनगर में भी तटबंध को नुकसान
गंडक नदी के बढ़े जलस्तर का असर पड़ोसी उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दिया है। कुशीनगर में गंडक नदी के दाहिने किनारे पर बने तटबंध के एक स्थान पर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आई है। दोनों राज्यों में प्रशासन और संबंधित विभाग हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पश्चिम चंपारण में तटबंध टूटने के बाद कई इलाकों में पानी पहुंचने की खबर है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
गंडक बराज से भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया
सोमवार को वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से 5,43,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली की ओर बढ़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार, वाल्मीकिनगर गंडक बराज पर करीब 13 घंटे तक नदी का जलस्राव पांच लाख क्यूसेक से ऊपर रहा, जबकि लगभग 32 घंटे तक यह चार लाख क्यूसेक से अधिक दर्ज किया गया। इतने बड़े जलप्रवाह के कारण गंडक नदी से जुड़े तटबंधों पर लगातार दबाव बना हुआ है। प्रशासन के सामने संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और तटबंधों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बनी हुई है।
बारिश ने बढ़ाई परेशानी
26 और 27 सितंबर के बीच गंडक नदी से सटे बिहार के सीमावर्ती जिलों में भी भारी बारिश हुई। बारिश के कारण पहले से ही नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था। इसके बाद अत्यधिक जलस्राव ने तटबंधों पर दबाव और बढ़ा दिया। अधिकारियों के मुताबिक, अपस्ट्रीम यानी ऊपरी हिस्से में जलस्तर घटने की प्रवृत्ति है, जबकि डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में पानी बढ़ रहा है। ऐसे में निचले इलाकों में स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
चार विशेष टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में भेजी गईं

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने मुख्यालय से चार विशेष टीमों को रात में ही अलग-अलग इलाकों के लिए रवाना किया। कार्यपालक अभियंता के नेतृत्व में इन टीमों को बगहा, बेतिया, मोतिहारी और गोपालगंज भेजा गया है। विभाग के क्षेत्रीय अभियंता और अन्य अधिकारी तटबंधों पर चल रहे बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों की लगातार निगरानी कर रहे हैं। इससे पहले भी अतिरिक्त अभियंताओं की तैनाती संवेदनशील स्थानों पर की गई थी।
अधिकारियों की लगातार निगरानी
गंडक में अप्रत्याशित जलप्रवाह को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में तटबंधों की मरम्मत, सुरक्षा और पानी के बहाव पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता संवेदनशील इलाकों में नुकसान को कम करना और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान चलाना है। फिलहाल गंडक नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। आने वाले घंटों में नदी के बहाव और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में पानी की स्थिति पर विशेष नजर रखी जा रही है।










