बिहार: उद्यमी योजना से युवाओं और महिलाओं को बड़ा अवसर, गांवों में खुलेंगे नए उद्योग

चरपोखरी (आरा)  बिहार सरकार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत भोजपुर जिले में स्वरोजगार और स्थानीय रोजगार को नई रफ्तार मिलने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जारी औपबंधिक चयन सूची में जिले के 224 लाभार्थियों का चयन विभिन्न श्रेणियों के तहत उद्योग स्थापित करने के लिए किया गया है। सरकार की ओर से वित्तीय सहायता और तकनीकी प्रशिक्षण मिलने के बाद चयनित लाभार्थी जिले के अलग-अलग प्रखंडों और कस्बों में अपने उद्योग शुरू करेंगे। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि युवाओं का महानगरों की ओर पलायन भी कम होने की

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Published On :

मई 24, 2026

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चरपोखरी (आरा)

 बिहार सरकार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत भोजपुर जिले में स्वरोजगार और स्थानीय रोजगार को नई रफ्तार मिलने जा रही है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जारी औपबंधिक चयन सूची में जिले के 224 लाभार्थियों का चयन विभिन्न श्रेणियों के तहत उद्योग स्थापित करने के लिए किया गया है।

सरकार की ओर से वित्तीय सहायता और तकनीकी प्रशिक्षण मिलने के बाद चयनित लाभार्थी जिले के अलग-अलग प्रखंडों और कस्बों में अपने उद्योग शुरू करेंगे।

इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि युवाओं का महानगरों की ओर पलायन भी कम होने की उम्मीद है।

युवाओं और महिलाओं को सबसे ज्यादा मौका
इस बार सरकार ने सामाजिक संतुलन के साथ युवाओं और महिलाओं को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 53 युवाओं का चयन किया गया है।

जबकि मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना में 52 महिलाओं को मौका मिला है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ईबीसी उद्यमी योजना के तहत 52, अनुसूचित जाति-जनजाति श्रेणी में 50, अल्पसंख्यक उद्यमी योजना में 14 और दिव्यांग उद्यमी योजना में तीन लोगों का चयन हुआ है।

डिजिटल और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर बना पहली पसंद
नई पीढ़ी का झुकाव डिजिटल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की ओर अधिक देखने को मिल रहा है। चयनित परियोजनाओं में सबसे ज्यादा 35 साइबर कैफे सह आईटी बिजनेस यूनिट शामिल हैं।

इसके अलावा 26 आटा-सत्तू-मसाला पिसाई इकाइयां, 16 तेल मिल, छह मिनी राइस मिल और 12 रेडीमेड गारमेंट्स प्लांट स्थापित किए जाएंगे।

वहीं 16 होटल, रेस्तरां और ढाबे, 15 पेपर प्लेट यूनिट, सात आधुनिक ऑटोमोबाइल गैराज, सात फर्नीचर प्लांट, पांच मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर और चार फ्लेक्स प्रिंटिंग इकाइयों को भी मंजूरी दी गई है।

आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों में कूलर-पंखा असेंबलिंग के चार प्लांट, तीन एलईडी बल्ब उद्योग और तीन आधुनिक कृषि ड्रोन सेवा केंद्र भी शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा 65 अन्य लघु और कुटीर उद्योगों को भी स्वीकृति मिली है।

गांवों तक पहुंचेगी ड्रोन तकनीक
इस बार आधुनिक कृषि ड्रोन सेवा केंद्रों को मंजूरी मिलना सबसे खास माना जा रहा है। चयनित उद्यमियों को ड्रोन खरीदने, पायलट प्रशिक्षण और सर्विस सेंटर संचालन के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।

इससे किसानों को गांव स्तर पर ही नैनो यूरिया और कीटनाशकों के छिड़काव के साथ फसल निगरानी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

10 लाख तक की सहायता, आधी राशि अनुदान
अधिकारियों के अनुसार दस्तावेज सत्यापन के बाद लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की जाएगी। योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है।

इसमें 50 प्रतिशत यानी अधिकतम पांच लाख रुपये अनुदान के रूप में माफ किए जाते हैं। शेष राशि आसान शर्तों पर ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है।

पलायन रोकने में मिलेगी मदद
आरा, तरारी, जगदीशपुर, पीरो, बिहिया, शाहपुर, संदेश और चरपोखरी जैसे इलाकों में ये इकाइयां शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा।

इससे दिल्ली, मुंबई और सूरत जैसे शहरों की ओर होने वाले पलायन पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है।

हर साल बढ़ रहा योजना का दायरा
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना की शुरुआत वर्ष 2018-19 में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए की गई थी। बाद में इसे अति पिछड़ा वर्ग और फिर 2021-22 से सभी वर्गों के युवाओं और महिलाओं के लिए खोल दिया गया।

इसके बाद जिले में स्वरोजगार का दायरा लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2021-22 में 174, 2022-23 में 172, 2023-24 में 194, 2024-25 में 208 और अब 2025-26 में 224 लाभार्थियों का चयन किया गया है।

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