Bihar Corrupt Engineer : बिहार में भ्रष्ट इंजीनियर पर ईओयू का शिकंजा, करोड़ों की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ

बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में एक बड़े सरकारी इंजीनियर के कई गुप्त ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की है, जिसमें अब तक करोड़ों रुपये के आलीशान फ्लैट, बेनामी जमीनें और भारी मात्रा में नकदी मिलने की सनसनीखेज इनसाइड स्टोरी सामने आई है।

Bihar Corrupt Engineer

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 17, 2026

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Bihar Corrupt Engineer : बिहार के जमुई जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बहुत बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जमुई के झाझा प्रखंड में तैनात ग्रामीण कार्य प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) गोपाल कुमार के ठिकानों पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस छापेमारी के दौरान इंजीनियर के पास से बरामद की गई अकूत धन-दौलत और बेहिसाब संपत्ति को देखकर खुद जांच अधिकारी भी पूरी तरह सन्न रह गए हैं। गोपाल कुमार ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए काली कमाई के जरिए इतनी ज्यादा संपत्ति खड़ी कर ली है, जितनी आमतौर पर बड़े-बड़े नामी व्यापारियों के पास भी नहीं देखने को मिलती है।

सरकारी नौकरी की आड़ में आय से अधिक संपत्ति

भ्रष्टाचार के आरोपी गोपाल कुमार ने अक्टूबर 2008 में बिहार सरकार के तहत अपनी सरकारी नौकरी की शुरुआत की थी। इसके बाद साल 2022 में विभाग द्वारा उनका प्रमोशन किया गया और वे कार्यपालक अभियंता के पद पर आसीन हुए। लेकिन एक जिम्मेदार सरकारी सेवक बनने की बजाय गोपाल कुमार ने पद संभालते ही भ्रष्टाचार का रास्ता चुन लिया और आय से अधिक संपत्ति बनाने के साथ-साथ अकूत धन जमा करना शुरू कर दिया। आर्थिक अपराध इकाई की तरफ से जारी की गई आधिकारिक प्रेस रिलीज में इस बात का स्पष्ट खुलासा किया गया है कि गोपाल कुमार ने कानून की धज्जियां उड़ाते हुए करोड़ों रुपए का साम्राज्य खड़ा किया।

वैध आय से 81 प्रतिशत से भी ज्यादा की काली कमाई

ईओयू द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, कार्यपालक अभियंता गोपाल कुमार द्वारा अपनी ज्ञात और वैध आय के स्रोतों से लगभग 2,00,61,000 (दो करोड़ साठ लाख इकसठ हजार) रुपए अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की गई है, जिसके पुख्ता सबूत जांच टीम के हाथ लगे हैं। तकनीकी रूप से देखा जाए तो यह पूरी अघोषित संपत्ति गोपाल कुमार की कानूनी रूप से होने वाली कुल ज्ञात आय से 81.5% अधिक है। इतने कम समय में इतनी बड़ी मात्रा में काली कमाई का यह आंकड़ा सरकारी महकमे में फैले भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को साफ तौर पर उजागर करता है।

छापेमारी में मिला भारी कैश और लाखों के सोने-चांदी

आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की विशेष टीमों ने 16 मई को गोपाल कुमार के कुल 4 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ एक ही समय में छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दिया था। इस सघन तलाशी अभियान के दौरान आरोपी इंजीनियर के पास से 39,65,000 रुपए की भारी-भरकम नकदी (कैश) बरामद की गई है। इसके अलावा, अधिकारियों को लगभग 47,00,000 रुपए के महंगे आभूषण खरीदने से संबंधित कई इनवॉयस (बिल) भी मिले हैं। मौके से कुल 424.08 ग्राम वजनी सोने के जेवरात बरामद हुए हैं, जिनका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 60,47,000 रुपए आंका गया है। साथ ही करीब 1.00 किलोग्राम चांदी के आभूषण भी जब्त किए गए हैं।

मॉल में दुकानें, आलीशान फ्लैट और जमीनों के दस्तावेज

जमीन और रियल एस्टेट में किए गए भारी निवेश की बात करें तो सगुना मोड़ स्थित प्रसिद्ध जेबी मॉल (JB Mall) में गोपाल कुमार की दो व्यावसायिक दुकानें पाई गई हैं, जिनका अनुमानित मूल्य लगभग 70,00,000 रुपए है। इसके अतिरिक्त, दानापुर बाजार समिति के बेहद पास एक 1.25 कट्ठा का कीमती आवासीय भू-खंड मिला है, जिस पर वर्तमान में एक जी+3 (चार मंजिला) आलीशान भवन का निर्माण कार्य चल रहा है; इस भू-खंड का निबंधन मूल्य ही 35 लाख रुपए है, जबकि इसके अलावा 93 लाख रुपए के अतिरिक्त निवेश की बात सामने आई है। वहीं दानापुर के लक्ष्मी कॉटेज में एक लग्जरी 4 BHK फ्लैट के लिए 80,00,000 रुपए का नकद (कैश) भुगतान किए जाने से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अधिकारियों के हाथ लगे हैं।

महंगी गाड़ियां और कई संदिग्ध सरकारी फाइलें जब्त

सघन तलाशी के दौरान आरोपी इंजीनियर के ठिकानों से एक हुंडई i10 (Hyundai i10) कार और एक स्कूटी भी बरामद की गई है। इसके अतिरिक्त, इंजीनियर के आवासीय परिसर से ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़ी कई ऐसी सरकारी फाइलें और दस्तावेज भी बरामद हुए हैं, जिन्हें घर पर रखना पूरी तरह गैर-कानूनी है। इन संदेहास्पद फाइलों के संबंध में जांच टीम द्वारा संबंधित मुख्य विभाग को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा रही है ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। आर्थिक अपराध इकाई के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के इस बड़े मामले में तलाशी की कार्रवाई अभी भी पूरी तरह जारी है।

बेनामी वाहन, बैंक खाते और भ्रष्टाचार का बड़ा खेल

जमुई स्थित गोपाल कुमार के किराए के मकान पर की गई छापेमारी के दौरान भी जांच टीम को बड़ी सफलता मिली है। वहां से अधिकारियों ने 8,03,900 रुपए नगद और एक शानदार हुंडई क्रेटा (Hyundai Creta) गाड़ी बरामद की है। जांच में पता चला है कि यह महंगी क्रेटा कार सुरेंद्र मोहन नामक किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर्ड है और इसे लगभग 19 लाख रुपए की भारी कीमत देकर खरीदा गया था, जिसे बेनामी संपत्ति माना जा रहा है। इसके साथ ही आरोपी इंजीनियर के अलग-अलग 3 बैंक खातों का पता चला है, जिनमें वर्तमान में लगभग 10,00,000 रुपए जमा पाए गए हैं। एक साधारण सरकारी नौकरी के दम पर इतनी अकूत संपत्ति का मालिक बनना बिना बड़े स्तर के भ्रष्टाचार के किसी भी सूरत में संभव नहीं है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है।

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