Bihar CM Samrat Choudhary: CM सम्राट चौधरी का बड़ा फरमान, 30 दिन में शिकायत न सुलझी तो सस्पेंशन तय

सीएम सम्राट चौधरी ने सहयोग हेल्पलाइन नंबर और पोर्टल का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि जब तक लोगों के आवेदन आते रहेंगे, तब तक सहयोग शिविर लगातार जारी रहेगा।

Bihar CM Samrat Choudhary

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 11, 2026

Bihar CM Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सोमवार, 11 मई 2026 को उन्होंने सहयोग शिविर से जुड़ी नई व्यवस्था के तहत हेल्पलाइन नंबर 1100 और सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) के रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम का शुभारंभ किया।

इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद अब आम नागरिकों की शिकायतों का समाधान अधिकतम 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य “सबका सम्मान, जीवन आसान” के सिद्धांत के तहत जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

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पंचायत स्तर पर लगेगा सहयोग शिविर

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब बिहार के सभी पंचायतों में प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को सहयोग शिविर का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों में लोगों की समस्याओं को सीधे सुना जाएगा और उनका समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाएगा।

इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा रियल टाइम में की जाएगी। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का दावा किया है कि शिकायतों का निपटारा निष्पक्ष, पारदर्शी और तेज गति से किया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में 30 दिनों के भीतर आवेदन का निष्पादन करना अनिवार्य होगा।

लापरवाही पर सख्त कार्रवाई

सीएम सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई पदाधिकारी निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान नहीं करता, फाइल को लंबित रखता है या काम में लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी को स्वतः 31वें दिन निलंबित (suspend) कर दिया जाएगा। सरकार ने इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक सख्त और ऐतिहासिक कदम बताया है।

जनता की मूलभूत समस्याओं पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है, न कि विकास कार्यों को बाधित करना। यदि मामला सड़क, बिजली, पानी या किसी बड़े विकास कार्य से जुड़ा है, तो उस पर सरकार विचार करेगी। लेकिन प्रखंड, अंचल या थाना स्तर की समस्याओं को हर हाल में 30 दिनों के भीतर निपटाना होगा।

निगरानी के लिए सीसीटीवी और IT सिस्टम का इस्तेमाल

सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आईटी विभाग के माध्यम से सभी प्रखंड, अंचल कार्यालयों और थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इससे प्रशासनिक गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से भ्रष्टाचार और लापरवाही पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

सहयोग शिविर रहेगा लगातार जारी

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जब तक जनता की शिकायतें आती रहेंगी, तब तक सहयोग शिविरों का आयोजन जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था बिहार में प्रशासनिक सुधार और जनता की सुविधा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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