Bihar Cabinet Expansion: बिहार में सम्राट कैबिनेट का भव्य विस्तार! 32 मंत्रियों ने ली शपथ, ‘निशांत कुमार’ बने नए चेहरों में सबसे बड़ा आकर्षण

बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली कैबिनेट का भव्य विस्तार हुआ। पटना के गांधी मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की उपस्थिति में 32 मंत्रियों ने शपथ ली। इस विस्तार में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सहित 5 नए चेहरों को जगह मिली है। भाजपा के 15 और जेडीयू के 13 मंत्रियों के साथ नई सरकार का रोडमैप तैयार है।

Bihar Cabinet Expansion

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 7, 2026

Bihar Cabinet Expansion: बिहार की राजनीति में आज एक नए युग की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार मंत्रिपरिषद का विस्तार पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में संपन्न हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में कुल 32 विधायकों ने मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस कार्यक्रम ने न केवल राज्य की प्रशासनिक दिशा तय की, बल्कि भविष्य के सियासी समीकरणों को भी स्पष्ट कर दिया है।

गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह

बताते चले कि, बिहार की राजधानी पटना का गांधी मैदान आज ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन (Political Power Display) का गवाह बना। इस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जैसे कद्दावर नेताओं की उपस्थिति ने इस विस्तार की अहमियत को और बढ़ा दिया। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने बारी-बारी से सभी 32 मंत्रियों को पद की शपथ दिलाई, जिसमें पुराने अनुभवी चेहरों के साथ-साथ नए युवा नेतृत्व का संगम देखने को मिला।

कैबिनेट में ’15-13-4′ का सत्ता समीकरण

आपको बता दे कि, नई सरकार के गठन में जातीय और दलीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली इस कैबिनेट में भाजपा से 15 और जेडीयू (JDU) से 13 मंत्रियों को जगह दी गई है। वहीं, सहयोगी दलों के 4 मंत्रियों को शामिल कर गठबंधन के साझा फॉर्मूले (Coalition Governance Formula) को मजबूती दी गई है। ’15-13-4′ के इस गणित के जरिए सरकार ने बिहार के हर वर्ग और हर राजनीतिक हिस्सेदार को साधने की कोशिश की है। दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री ने अपने पुराने सहयोगियों पर भरोसा कायम रखते हुए उन्हें मंत्रिमंडल में बरकरार रखा है।

पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे ‘निशांत कुमार’ की एंट्री

इस कैबिनेट विस्तार की सबसे चर्चित कड़ी पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का राजनीतिक पदार्पण (Political Debut and Induction) रही। उन्हें नए मंत्री के रूप में कैबिनेट में शामिल किया गया है। उनके अलावा चार अन्य नए चेहरों ने भी मंत्री पद की शपथ ली, जिनमें दामोदर रावत, बुलो मंडल, भगवान सिंह और श्वेता गुप्ता के नाम शामिल हैं। इन पांच नए मंत्रियों के चयन (Selection of Five New Ministers) के पीछे क्षेत्रीय विकास और युवाओं को आगे लाने की रणनीति मानी जा रही है। राज्यपाल ने विजय सिन्हा, दिलीप जायसवाल, श्रवण कुमार और लेसी सिंह जैसे अनुभवी नेताओं को भी शपथ दिलाई।

बिहार के विकास का भविष्य का रोडमैप

शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब सबकी निगाहें विभागों के आवंटन और जिम्मेदारी वितरण (Allocation of Portfolios and Ministries) पर टिकी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार आपसी सहमति से यह तय करेंगे कि किस मंत्री को कौन सा विभाग सौंपा जाए। पटना के गांधी मैदान में जुटी मंत्रियों की इस लंबी फेहरिस्त में अशोक चौधरी, मदन सहनी, डॉ. संतोष कुमार सुमन, और मोहम्मद जमा खान जैसे नाम शामिल हैं। नई सरकार का लक्ष्य सुशासन और प्रशासनिक सुधार (Good Governance and Administrative Reforms) के जरिए बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।