Bhopal Protest: मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी पर सियासत तेज, धरना खत्म लेकिन किसानों का दबाव कायम

Bhopal Protest: मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों और सरकार के बीच बनी सहमति के बाद धरना खत्म हो गया, लेकिन 100% खरीद और एमएसपी की मांग अब भी चर्चा में है। आखिर किसानों की नाराजगी की असली वजह क्या है और सरकार का अगला कदम क्या होगा, जानिए पूरी जानकारी।

मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी पर सियासत तेज

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 30, 2026

Bhopal Protest: भोपाल में मूंग की सरकारी खरीद, ई-टोकन व्यवस्था और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी जैसी मांगों को लेकर चल रहा किसानों का आंदोलन तीन दिन बाद समाप्त हो गया। राज्य सरकार और किसान प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद अधिकांश किसान संगठनों ने सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए धरना खत्म करने का फैसला किया। हालांकि, कुछ किसान अब भी एमएसपी पर मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीद की मांग पर अड़े हुए हैं और इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

NEET Protest FIR : ‘मैं 4 महीने से रूस में हूं’, बिहार के युवक का दावा- NEET प्रदर्शन केस में FIR दर्ज

सरकार ने बढ़ाई मूंग खरीदी की सीमा

बुधवार को हुई वार्ता के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने पात्र मूंग उत्पादक किसानों की उपज का 60 प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदने की घोषणा की। इससे पहले सरकार केवल 25 प्रतिशत उपज खरीदने का प्रस्ताव लेकर आई थी। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस सीमा को बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया। इस घोषणा के बाद मुख्यमंत्री आवास के पास प्रदर्शन कर रहे अधिकांश किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।

ई-टोकन व्यवस्था में सुधार और खरीदी 

सरकार ने केवल खरीद की मात्रा बढ़ाने की घोषणा ही नहीं की, बल्कि ई-टोकन प्रणाली में सुधार के लिए एक समिति गठित करने का भी फैसला किया है। इसके साथ ही मूंग खरीदी की अंतिम तिथि 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान अपनी उपज सरकारी केंद्रों पर बेच सकें। इन फैसलों को किसानों की प्रमुख मांगों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

100 प्रतिशत खरीदी की मांग पर कायम कुछ किसान

सरकार की नई घोषणाओं के बावजूद कुछ किसान संगठन अपनी मूल मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि सभी पात्र किसानों की पूरी उपज न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी जानी चाहिए। उनका मानना है कि 60 प्रतिशत खरीदी का फैसला राहत जरूर देता है, लेकिन यह किसानों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। किसान नेताओं का कहना है कि सभी संबंधित पक्षों से आगे की चर्चा के बाद आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।

अधिकांश किसान संगठनों ने खत्म किया आंदोलन

आंदोलन में शामिल राष्ट्रवादी किसान आर्मी के प्रदेश संयोजक प्रतीक शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों से अधिकांश किसान संतुष्ट हैं। सभी प्रमुख किसान संगठनों ने आपसी सहमति से फिलहाल आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि जरूरत पड़ी तो किसान फिर से बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।

किसानों की वापसी के लिए प्रशासन ने किए इंतजाम

धरना समाप्त होने के बाद प्रशासन ने आंदोलन में शामिल किसानों की सुरक्षित घर वापसी के लिए विशेष व्यवस्था की। रोशनपुरा चौराहे से विभिन्न जिलों के लिए बसें उपलब्ध कराई गईं, ताकि किसान बिना किसी परेशानी के अपने-अपने घर लौट सकें। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि सरकार की घोषणाओं के बाद किसान शांतिपूर्वक धरना स्थल से रवाना हुए। प्रशासन ने उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए।

Haryana News: नायब सैनी सरकार का बड़ा फैसला, CET पास युवाओं के भविष्य को मिलेगी नई उड़ान

सरकार ने किसानों के हित में बताया फैसला

सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि किसानों के व्यापक हितों को ध्यान में रखते हुए मूंग खरीदी की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत की गई है। सरकार का दावा है कि इस फैसले से बड़ी संख्या में किसानों को राहत मिलेगी। हालांकि, 100 प्रतिशत सरकारी खरीद की मांग को लेकर चर्चा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और इस विषय पर आगे भी संवाद जारी रहने की संभावना है।