Health Tips: भीषण गर्मी में बच्चों के लिए अलर्ट, हीट स्ट्रोक से कैसे बचाएं

भीषण गर्मी में बच्चों में हीट स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सही समय पर कुछ आसान सावधानियां अपनाकर इस जानलेवा स्थिति से बचा जा सकता है, डॉक्टरों ने ऐसे जरूरी उपाय बताए हैं जो बच्चों की जान बचा सकते हैं

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अप्रैल 27, 2026

Health Tips: देश के कई हिस्सों में इस समय भीषण गर्मी का कहर देखने को मिल रहा है। ऐसे में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे जनजीवन प्रभानिक हो सकता है। इस मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों पर देखने को मिलता है, क्योंकि उनका शरीर को गर्मी को सहन करने में वयस्कों की तुलना में ज्यादा कमजोर होता है। आइए जानते हैं हीट स्ट्रोक और इससे बचने के सभी उपाय क्या-क्या हैं।

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हीट स्ट्रोक क्या है?

आपको बता दें कि, हीट स्ट्रोक एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान सामान्य स्तर से काफी ज्यादा है और शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम यानी पसीना आना बंद हो जाता है। जब शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता, तो यह स्थिति खतरनाक हो जाती है। इस स्थिति में शरीर के अंगों पर दबाव बढ़ता है और यदि समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण

हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण
हीट स्ट्रोक के प्रमुख लक्षण

डॉक्टरों के अनुसार हीट स्ट्रोक के दौरान कई गंभीर लक्षण दिखाई देते हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देना जरूरी होता है। इनमें शामिल हैं:

  • त्वचा का सूखा और लाल होना
  • तेज बुखार
  • दिल की धड़कन का तेज होना
  • चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना
  • भ्रम की स्थिति और स्पष्ट रूप से बात न कर पाना

इसके अलावा, हीट स्ट्रोक से पहले की अवस्था को हीट एग्जॉस्टशन कहा जाता है। इसमें शरीर में अत्यधिक पसीना आना, कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन, चिपचिपी त्वचा और चक्कर जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यदि इस अवस्था में सावधानी न बरती जाए, तो स्थिति गंभीर होकर हीट स्ट्रोक में बदल सकती है।

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बच्चे क्यों होते हैं ज्यादा प्रभावित?

विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों का शरीर वयस्कों की तुलना में तापमान नियंत्रण में कमजोर होता है। उनका शरीर जल्दी गर्म हो जाता है और पानी की कमी भी तेजी से हो जाती है। खेलते या बाहर रहते समय बच्चे अक्सर पानी पीना भूल जाते हैं, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है। यह स्थिति उन्हें हीट स्ट्रोक के लिए अधिक संवेदनशील बना देती है। छोटी सी लापरवाही, जैसे लंबे समय तक धूप में रहना या पर्याप्त पानी न पीना, बच्चों के लिए गंभीर स्वास्थ्य समस्या पैदा कर सकती है।

सावधानी और बचाव के उपाय

डॉक्टर सलाह देते हैं कि गर्मी के दिनों में बच्चों को दोपहर की तेज धूप में बाहर जाने से बचाना चाहिए। हल्के और ढीले कपड़े पहनाना, पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना और बार-बार हाइड्रेशन का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, बच्चों को लंबे समय तक धूप में खेलने से रोकना और ठंडी जगह पर आराम करने देना भी उनकी सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

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