Lucknow Paper Leak Protest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नीट (NEET) परीक्षा धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस राष्ट्रव्यापी मुद्दे पर भीम आर्मी और ‘आजाद समाज पार्टी’ से जुड़े सैकड़ों छात्रों और छात्र नेताओं ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त आक्रोश व्यक्त किया। बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी हजरतगंज स्थित बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल पर एकत्रित हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। भीम आर्मी से जुड़े छात्र संगठनों और पदाधिकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई और जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे इलाके में भारी हड़कंप मच गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भारी पुलिस बल की तैनाती
बताते चले कि, भीम आर्मी के इस अचानक हुए उग्र प्रदर्शन और खुफिया इनपुट को देखते हुए लखनऊ जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट पहले से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर था। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल और उसके आसपास के संवेदनशील चौराहों पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, हिंसा या यातायात व्यवस्था ठप होने से रोकने के लिए भारी तादाद में पीएसी (PAC) और पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कानून व्यवस्था और शांति व्यवस्था को पूरी तरह से नियंत्रण में बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल के साथ-साथ खुद आला अधिकारी और मजिस्ट्रेट मौके पर तैनात रहे, जो प्रदर्शनकारियों की हर एक गतिविधि पर पल-पल की नजर रख रहे थे।
पुलिस की बड़ी दंडात्मक कार्रवाई
जैसे ही भीम आर्मी के बैनर तले चल रहा यह आंदोलन आगे बढ़ने लगा और छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़कर हजरतगंज चौराहे की तरफ कूच करने का प्रयास किया, वैसे ही पुलिस प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए तगड़ी कार्रवाई शुरू कर दी। कानून का उल्लंघन करने और धारा 144 के प्रभावी होने का हवाला देते हुए पुलिस ने मौके पर मौजूद भीम आर्मी के प्रमुख छात्र नेताओं और पदाधिकारियों को जबरन अपने शिकंजे में ले लिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच तीखी नोकझोंक और खींचतान भी देखने को मिली। हालांकि, पुलिस ने भारी सुरक्षा घेरे के बीच पूरी सूझबूझ से काम लिया और मुख्य सड़क पर किसी भी तरह की अव्यवस्था या अराजकता नहीं फैलने दी।
ईको गार्डन भेजे गए हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हिरासत में लिए गए भीम आर्मी के तमाम कार्यकर्ताओं, छात्रों और प्रमुख पदाधिकारियों को निर्धारित विधिक प्रक्रिया के तहत तुरंत पुलिस बसों और वज्र वाहनों में बैठाया गया। इसके बाद इन सभी डिटेन किए गए प्रदर्शनकारियों को लखनऊ के अधिकृत धरना स्थल यानी ईको गार्डन (Eco Garden) भेज दिया गया। पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस के आला अफसर सुरक्षा व्यवस्था की कमान खुद संभाले रहे और पल-पल की वीडियोग्राफी भी कराई गई ताकि किसी भी स्तर पर कानून व्यवस्था प्रभावित न हो सके।
कार्रवाई के बाद सामान्य हुए जमीनी हालात
प्रदर्शनकारी छात्रों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन स्थानांतरित किए जाने के बाद बाबा साहब भीमराव अंबेडकर प्रतिमा स्थल और हजरतगंज इलाके में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सामान्य हो गई। पुलिस बल की मुस्तैदी के कारण क्षेत्र में शांति बहाल रही। गौरतलब है कि देश में चल रहे नीट परीक्षा घोटाले के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की पुरजोर मांग को लेकर लखनऊ में हुआ यह सुनियोजित प्रदर्शन पूरे उत्तर प्रदेश के सियासी और सामाजिक गलियारों में भारी चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसने एक बार फिर परीक्षा नियामक संस्थाओं की साख पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।










