West Bengal Election: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नया मोड़ आता दिख रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व कद्दावर नेता हुमायूं कबीर ने बुधवार को अपनी नई नवेली राजनीतिक शक्ति ‘आम जनता उन्नयन पार्टी’ की ओर से 15 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। पिछले साल टीएमसी से निष्कासित किए जाने के बाद कबीर लगातार अपनी जमीन तलाश रहे थे। मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद निर्माण के उनके विवादास्पद बयान ने उन्हें काफी सुर्खियों में रखा था। अब उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए घोषणा की है कि उनकी पार्टी बंगाल की 294 सीटों में से 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
भवानीपुर में मुस्लिम उम्मीदवार उतारकर बिगाड़ा खेल
हुमायूं कबीर की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली रणनीति भवानीपुर विधानसभा सीट को लेकर सामने आई है। इस हाई-प्रोफाइल सीट पर जहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा के सुवेंदु अधिकारी के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है, वहां कबीर ने पूनम बेगम के रूप में एक मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया है। जानकारों का मानना है कि यह कदम सीधे तौर पर ममता बनर्जी के पारंपरिक ‘मुस्लिम वोट बैंक’ में सेंध लगाने के लिए उठाया गया है। यदि पूनम बेगम अल्पसंख्यक मतों का एक हिस्सा भी अपनी ओर खींचने में सफल रहती हैं, तो इसका सीधा नुकसान टीएमसी को और अप्रत्यक्ष लाभ भाजपा को मिल सकता है।
हुमायूं कबीर खुद दो विधानसभा सीटों से आजमाएंगे किस्मत
पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर ने खुद को सुरक्षित रखने और अपना राजनीतिक प्रभाव दिखाने के लिए दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ने का फैसला किया है। वे मुर्शिदाबाद जिले की रेजिनगर और नाओदा सीटों से चुनावी मैदान में उतरेंगे। गौरतलब है कि उन्होंने अपनी पुरानी और सुरक्षित मानी जाने वाली सीट ‘भरतपुर’ को इस बार छोड़ दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दो सीटों से चुनाव लड़ना उनके आत्मविश्वास और हार के डर के बीच के संतुलन को दर्शाता है। कबीर ने यह भी संकेत दिए हैं कि वे असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) के साथ कुछ चुनिंदा सीटों पर गठबंधन कर सकते हैं, जिससे मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है।
लिस्ट में चौंकाने वाले चेहरे और मालदा-मुर्शिदाबाद पर फोकस
बुधवार को जारी पहली लिस्ट में मालदा और मुर्शिदाबाद के उम्मीदवारों पर विशेष ध्यान दिया गया है। हुमायूं कबीर की रणनीति इन मुस्लिम बहुल इलाकों में खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने की है। पार्टी ने फिरहाद हकीम के पूर्व दामाद यासीन हैदर और बपन घोष जैसे चर्चित चेहरों को टिकट देकर सबको चौंका दिया है। कबीर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि शेष 167 उम्मीदवारों की पूरी सूची रविवार दोपहर एक बजे तक सार्वजनिक कर दी जाएगी। उनका दावा है कि उनकी पार्टी बंगाल की जनता को ‘तीसरा विकल्प’ प्रदान करेगी जो केवल विकास और न्याय की बात करेगा।
बंगाल चुनाव 2026: दो चरणों में होगा मतदान और 4 मई को नतीजे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखें करीब आ रही हैं। इस बार वोटिंग दो प्रमुख चरणों में संपन्न होगी। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल 2026 को होगा, जिसमें 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। वहीं, दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी, जिसमें शेष 142 सीटों पर जनता अपने मताधिकार का प्रयोग करेगी। सत्ता की इस महाजंग का अंतिम फैसला 4 मई 2026 को चुनाव परिणामों के साथ होगा। हुमायूं कबीर की सक्रियता ने निश्चित रूप से टीएमसी की रणनीतियों को दोबारा सोचने पर मजबूर कर दिया है, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ अल्पसंख्यक मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
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