Bengaluru Suicide Case : बेंगलुरु, जिसे भारत की सिलिकॉन वैली कहा जाता है, वहां के कोथानूर पुलिस स्टेशन क्षेत्र से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है। एक टेक-कपल (आईटी पेशेवर दंपति) ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। मृतकों की पहचान भानु चंद्र रेड्डी और उनकी पत्नी शाज़िया के रूप में हुई है। ये दोनों ही प्रतिष्ठित निजी कंपनियों में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे और मूल रूप से तेलंगाना के निवासी थे। इस घटना ने न केवल उनके परिवारों को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि शहर के आईटी समुदाय में भी मानसिक स्वास्थ्य और आपसी रिश्तों के तनाव पर एक नई बहस छेड़ दी है।
खौफनाक घटनाक्रम: पहले पति ने दी जान, फिर पत्नी ने लगाई छलांग
पुलिस द्वारा शुरुआती जांच में जो घटनाक्रम सामने आया है, वह बेहद विचलित करने वाला है। बताया जा रहा है कि भानु चंद्र रेड्डी ने सबसे पहले अपने अपार्टमेंट के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जब शाज़िया को अपने पति की मृत्यु का पता चला, तो वह इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर पाईं। पति का शव मिलने के कुछ ही समय बाद, शाज़िया ने कथित तौर पर अपने ऊंचे अपार्टमेंट की 17वीं मंजिल से छलांग लगा दी। घटनास्थल पर ही उनकी भी मृत्यु हो गई। एक ही घर में कुछ ही घंटों के अंतराल पर हुई इन दो मौतों ने कोथानूर इलाके में सनसनी फैला दी है।
9 साल का रिश्ता और लिव-इन से शादी तक का सफर
जांच में यह बात सामने आई है कि भानु और शाज़िया का रिश्ता काफी पुराना था। शादी के बंधन में बंधने से पहले वे लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे थे। लगभग 9 साल पहले उन्होंने औपचारिक रूप से विवाह किया था। हालांकि, सूत्रों और पड़ोसियों से मिली जानकारी के अनुसार, उनके वैवाहिक जीवन में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था। पुलिस को संदेह है कि उनके बीच अक्सर होने वाले घरेलू झगड़े और आपसी मनमुटाव ने उन्हें इस चरम कदम की ओर धकेला होगा। एक दशक लंबे साथ का ऐसा दुखद अंत किसी ने नहीं सोचा था।
जांच के दायरे में स्वास्थ्य समस्याएं और मानसिक तनाव
कोथानूर पुलिस इस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है। घरेलू कलह के अलावा, एक और महत्वपूर्ण बिंदु जो जांच में उभरकर आया है, वह है भानु चंद्र रेड्डी की स्वास्थ्य स्थिति। पुलिस इस संभावना की भी तलाश कर रही है कि क्या भानु किसी गंभीर या पुरानी बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके कारण वे मानसिक तनाव में थे। क्या बीमारी और करियर के दबाव ने मिलकर उनके बीच के झगड़ों को और बढ़ा दिया था? इन सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उनके करीबियों के बयानों के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
फिलहाल, कोथानूर पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है जो तेलंगाना से बेंगलुरु के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस उनके मोबाइल फोन के डेटा, कॉल लॉग्स और किसी संभावित सुसाइड नोट की भी तलाश कर रही है ताकि मौत की असली वजह का पता लगाया जा सके। आईटी सेक्टर में काम करने वाले युवाओं के बीच बढ़ता तनाव और वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी भी इस तरह की घटनाओं के पीछे एक मूक कारण मानी जा रही है।
रिश्तों में संवाद की कमी बन रही जानलेवा
बेंगलुरु की यह घटना हमें याद दिलाती है कि करियर की सफलता और ऊंची इमारतों में रहने के बावजूद, इंसान के भीतर का अकेलापन और रिश्तों की कड़वाहट कभी भी भारी पड़ सकती है। भानु और शाज़िया की मौत ने दो हंसते-खेलते परिवारों को हमेशा के लिए अंधेरे में धकेल दिया है। 31 मार्च 2026 की इस दुखद रिपोर्ट के बाद, समाज को एक बार फिर सोचने की जरूरत है कि क्या हम अपने करीबियों की मानसिक स्थिति को समझने में विफल हो रहे हैं?









