Bengal SIR Case: सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी की सीधी दलील, चुनाव आयोग को कहा ‘व्हाट्सएप कमीशन’, SC ने मांगा जवाब

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन (SIR) को लेकर मचे घमासान के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद सुप्रीम कोर्ट के कटघरे में खड़ी हुईं। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उसे 'व्हाट्सएप कमीशन' करार दिया। क्या कोर्ट बंगाल में चल रही इस प्रक्रिया पर रोक लगाएगा? पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

Bengal SIR Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 4, 2026

Bengal SIR Case:  बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल में लागू स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। यह सुनवाई राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दायर याचिका पर की गई। इस मामले को लेकर राजनीतिक और संवैधानिक हलकों में पहले से ही काफी चर्चा थी। खास बात यह रही कि ममता बनर्जी स्वयं सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम में मौजूद रहीं और उन्होंने अपने वकीलों के साथ-साथ व्यक्तिगत रूप से भी अपनी बात न्यायालय के सामने रखी।

ममता बनर्जी ने लगाया पश्चिम बंगाल को निशाना बनाने का आरोप

सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पश्चिम बंगाल को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि जिन राज्यों में आने वाले समय में चुनाव होने हैं, जैसे असम और कुछ अन्य उत्तरी राज्य, वहां SIR की प्रक्रिया लागू नहीं की जा रही है। इसके विपरीत केवल पश्चिम बंगाल में ही इस तरह का विशेष गहन पुनरीक्षण कराया जा रहा है, जो संदेह पैदा करता है। ममता बनर्जी ने इसे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया के खिलाफ बताया।

समानता के सिद्धांत पर उठाए सवाल

मुख्यमंत्री ने अदालत में यह भी कहा कि लोकतंत्र में सभी राज्यों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए। यदि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की आवश्यकता है, तो यह प्रक्रिया सभी चुनावी राज्यों में समान रूप से लागू होनी चाहिए। केवल एक राज्य को चुनकर ऐसी प्रक्रिया लागू करना संविधान के समानता के सिद्धांत के विपरीत है। ममता बनर्जी ने कहा कि इससे राज्य के मतदाताओं में भ्रम और असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।

आधार कार्ड का मुद्दा भी उठा

सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने आधार कार्ड से जुड़े मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम, उम्र या स्पेलिंग से जुड़ी गलतियों के नाम पर लोगों के नाम हटाए जाने की आशंका है। इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए कहा कि आधार कार्ड से जुड़े विषय पर फिलहाल कोर्ट कोई टिप्पणी नहीं कर सकता, क्योंकि इस मुद्दे पर पहले ही विस्तृत सुनवाई हो चुकी है। हालांकि, नाम और स्पेलिंग से जुड़ी शिकायतों पर चुनाव आयोग से जवाब मांगा जाएगा।

चुनाव आयोग से जवाब तलब, अगली सुनवाई सोमवार को

मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट इस याचिका पर सोमवार को विस्तृत सुनवाई करेगा। अदालत ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया है कि वह ममता बनर्जी की याचिका पर अपना जवाब दाखिल करे। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट में बना ऐतिहासिक क्षण

यह सुनवाई कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। यह पहली बार था जब किसी राज्य की मुख्यमंत्री स्वयं देश की सर्वोच्च अदालत में मौजूद रहकर मुख्य न्यायाधीश के सामने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी शिकायत रख रही थीं। इस घटनाक्रम ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस संवेदनशील मामले पर आगे की दिशा तय हो सकती है।