West Bengal Election 2026 : ममता बनर्जी का बीजेपी पर तीखा हमला, केंद्र की नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बिगुल फूँकते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर हमलावर रुख अपनाया है। चुनावी रैली में उन्होंने मतदाता सूची में गड़बड़ी और एनआरसी के डर को लेकर जनता को आगाह किया। क्या दीदी का यह दांव बंगाल की सत्ता में उनकी वापसी कराएगा?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 26, 2026

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखें नजदीक आते ही राज्य का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। 26 तारीख को होने वाले महत्वपूर्ण मतदान को ध्यान में रखते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मोर्चा संभाल लिया है। गुरुवार को उन्होंने पांडवेश्वर में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जहाँ जनसैलाब उमड़ पड़ा। राज्य भर में टीएमसी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए ममता बनर्जी और पार्टी के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी तूफानी दौरे कर रहे हैं। पांडवेश्वर की इस सभा में ममता ने न केवल विरोधियों को ललकारा, बल्कि जनता की बुनियादी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा।

गैस बुकिंग और ईंधन संकट: केंद्र की नीतियों पर उठाए गंभीर सवाल

जनसभा के दौरान ममता बनर्जी ने घरेलू गैस (LPG) और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने एक हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि गैस बुकिंग की समय सीमा घटाकर 25 दिन करने की खबरें चिंताजनक हैं। ममता ने तंज कसते हुए कहा, “मुझे उन पर रत्ती भर भी भरोसा नहीं है। अगर 25 दिन से पहले गैस बुक नहीं हो पाएगी और बीच में ही सिलेंडर खत्म हो जाए, तो आम जनता क्या करेगी? क्या लोग भूखे रहेंगे?” उन्होंने मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से गैस की कीमतों में हुई बेतहाशा बढ़ोतरी की याद दिलाते हुए इसे ‘जनता विरोधी’ करार दिया।

लॉकडाउन की सुगबुगाहट पर कड़ा रुख: “हम डरने वाले नहीं हैं”

पांडवेश्वर के मंच से ममता बनर्जी ने फिर से लॉकडाउन जैसी पाबंदियों की चर्चाओं पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि वह फिर से अलर्ट और लॉकडाउन जैसी बातें सुन रही हैं। ममता ने सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, “अगर वे ऐसा करना चाहते हैं, तो करें, मैं इस बारे में ज्यादा नहीं सोचती। हमने पहले भी कोविड जैसी महामारी का डटकर मुकाबला किया है और इस बार भी हम किसी भी चुनौती से लड़ने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार किसी भी परिस्थिति में बंगाल के लोगों के हितों के साथ समझौता नहीं होने देगी।

SIR लिस्ट और नागरिकता मुद्दों पर फूटा मुख्यमंत्री का गुस्सा

ममता बनर्जी ने ‘स्टेट इमिग्रेशन रजिस्टर’ (SIR) की हालिया लिस्ट से लाखों नाम गायब होने पर गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने मंच से दहाड़ते हुए पूछा कि लिस्ट तीन दिन पहले पब्लिश होने के बावजूद इसे सार्वजनिक तौर पर हर जगह क्यों नहीं लगाया गया? उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा जनता के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है और वह स्वयं इसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक गई हैं। उन्होंने गर्व से कहा कि अगर ‘अंडर ट्रायल’ लोगों में से 40 प्रतिशत के नाम भी लिस्ट में आए हैं, तो यह उनकी निरंतर मेहनत और सड़क पर किए गए संघर्षों का ही परिणाम है।

कार्यकर्ताओं को खास निर्देश: “किसी का नाम न छूटे, हम देंगे फ्री कानूनी मदद”

पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठकों को कड़ा निर्देश देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि यह लड़ाई केवल नारों की नहीं, बल्कि हक की है। उन्होंने कहा, “मैं अपने ऑर्गनाइजर से कहना चाहती हूँ कि जिन लोगों के नाम लिस्ट से छूट गए हैं, उनसे तुरंत संपर्क करें और उनके सभी जरूरी दस्तावेज जमा करें।” उन्होंने घोषणा की कि टीएमसी ऐसे लोगों के लिए मुफ्त वकीलों का इंतजाम करेगी ताकि वे ट्रिब्यूनल में अपना पक्ष रख सकें। ममता ने साफ कर दिया कि वह बंगाल के किसी भी वैध नागरिक का नाम सूची से बाहर नहीं होने देंगी और इसके लिए कानूनी से लेकर राजनीतिक स्तर तक हर संभव प्रयास किया जाएगा।

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