Beijing Pyongyang Train: बीजिंग से प्योंगयांग तक ट्रेन सेवा बहाल, चीन और उत्तर कोरिया की ‘रेल डिप्लोमेसी’, अमेरिका की बढ़ी टेंशन!

कोरोना काल के बाद पहली बार बीजिंग और प्योंगयांग के बीच यात्री और मालगाड़ी सेवा को आधिकारिक तौर पर बहाल कर दिया गया है। उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों और चीन-अमेरिका के बीच जारी शीत युद्ध के बीच इस 'रेल डिप्लोमेसी' ने पूरी दुनिया के रणनीतिकारों को चौंका दिया है।

Beijing Pyongyang Train

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 12, 2026

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Beijing Pyongyang Train: एक लंबे कूटनीतिक अंतराल और वैश्विक महामारी के साये के बाद, एशिया की भू-राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। चीन ने उत्तर कोरिया के साथ अपनी यात्री ट्रेन सेवा को आधिकारिक तौर पर फिर से शुरू कर दिया है। पूरे छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद, बीजिंग और प्योंगयांग को जोड़ने वाली पहली यात्री ट्रेन गुरुवार को रवाना हुई। यह घटनाक्रम केवल दो पड़ोसियों के बीच परिवहन की बहाली मात्र नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और कूटनीतिक दबाव के बीच दोनों देशों के प्रगाढ़ होते संबंधों का एक बड़ा संकेत भी है।

ट्रेन K27 का सफर: समय सारिणी और मार्ग का विवरण

चीन के रेलवे प्राधिकरण ने इस ऐतिहासिक यात्रा के लिए ट्रेन K27 को हरी झंडी दिखाई है। यह ट्रेन बीजिंग रेलवे स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू कर अगले 24 घंटे 41 मिनट में अपना सफर पूरा करेगी। निर्धारित समय के अनुसार, यह शुक्रवार शाम 6:07 बजे उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग पहुंचेगी। अपनी यात्रा के दौरान, यह ट्रेन चीन-उत्तर कोरिया सीमा पर स्थित रणनीतिक शहर डैंडोंग में रुकेगी। डैंडोंग शहर बोहाई सागर के उत्तर में स्थित है और इसे दोनों देशों के बीच व्यापार का ‘प्रवेश द्वार’ माना जाता है।

सप्ताह में चार दिन चलेगी ट्रेन: व्यापार को मिलेगी नई गति

रेलवे अधिकारियों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, बीजिंग और प्योंगयांग के बीच इस ट्रेन सेवा का संचालन सप्ताह में चार दिन—सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शनिवार को किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सीमावर्ती शहर डैंडोंग और प्योंगयांग के बीच छोटी दूरी की ट्रेन सेवा को भी दैनिक आधार पर बहाल किया गया है। यह निर्णय स्थानीय व्यापारियों और आधिकारिक प्रतिनिधियों की आवाजाही को सुगम बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। इससे न केवल दोनों देशों के बीच रसद आपूर्ति बेहतर होगी, बल्कि ठप पड़े व्यापारिक रिश्तों में भी नई जान आएगी।

महामारी के बाद की बहाली: हवाई और रेल सेवाओं का अंतर

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के प्रसार को रोकने के लिए उत्तर कोरिया ने दुनिया की सबसे सख्त सीमा पाबंदियां लागू की थीं। इसी दौरान ट्रेन और हवाई सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया गया था। हालांकि, 2023 में हवाई सेवाओं को आंशिक रूप से बहाल किया गया था, लेकिन रेल संपर्क को शुरू करने में काफी कूटनीतिक समय लगा। वर्तमान में, उत्तर कोरिया की सरकारी एयरलाइन ‘एयर कोरियो’ सप्ताह में मात्र दो दिन (मंगलवार और शनिवार) उड़ान भर रही है, जिसकी तुलना में अब ट्रेन सेवा एक अधिक स्थिर और सुलभ विकल्प बनकर उभरी है।

टिकटों की भारी मांग: फिलहाल केवल बिजनेस वीजा को प्राथमिकता

ट्रेन सेवा फिर से शुरू होते ही यात्रियों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। गुरुवार को रवाना हुई पहली ट्रेन के सभी टिकट कुछ ही समय में बिक गए। हालांकि, ट्रैवल एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि अभी आम पर्यटकों के लिए यात्रा के द्वार पूरी तरह नहीं खुले हैं। वर्तमान में, टिकटों की बिक्री केवल उन लोगों के लिए की जा रही है जिनके पास मान्य बिजनेस वीजा है। रिपोर्टों के अनुसार, 18 मार्च के बाद कुछ सीटें खाली हो सकती हैं, लेकिन प्राथमिकता अभी भी आधिकारिक प्रतिनिधिमंडलों और व्यापारिक दौरों को ही दी जा रही है।

‘मैत्रीपूर्ण पड़ोसी’ का संदेश: कूटनीतिक विशेषज्ञों की राय

चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम का स्वागत करते हुए दोनों देशों को ‘मैत्रीपूर्ण पड़ोसी’ बताया है। मंत्रालय का मानना है कि इस रेल सेवा से न केवल परिवहन व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि लोगों के बीच आपसी संपर्क (People-to-people exchange) भी बढ़ेगा। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के अनुसार, यह बहाली ऐसे समय में हुई है जब उत्तर कोरिया वैश्विक स्तर पर अपने पुराने सहयोगियों के साथ जुड़ाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। चीन के लिए भी उत्तर कोरिया के साथ स्थिर आर्थिक संबंध बनाए रखना उसकी क्षेत्रीय सुरक्षा नीति का एक अहम हिस्सा है।

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