चंद्र ग्रहण के दौरान इन बातों का रखें खास ध्यान, भूलकर भी न करें ये काम

धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण को बहुत महत्वपूर्ण समय माना गया है. हर साल सूर्य और चंद्रमा को ग्रहण लगता है. ग्रहण का समय अशुभ माना गया है. सूर्य ग्रहण अमावस्या तो चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि को लगता है. इस साल फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि पर सूर्य को ग्रहण लगा था. ये ग्रहण भारत में नजर नहीं आया था. ऐसे में सूर्य ग्रहण का सूतक काल भी देश में नहीं माना गया था. अब फाल्गुन माह में ही चंद्र ग्रहण लगले जा रहा है. इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा 03 मार्च को है. इसी दिन चंद्र ग्रहण

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Published On :

फ़रवरी 24, 2026

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धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहण को बहुत महत्वपूर्ण समय माना गया है. हर साल सूर्य और चंद्रमा को ग्रहण लगता है. ग्रहण का समय अशुभ माना गया है. सूर्य ग्रहण अमावस्या तो चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि को लगता है. इस साल फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि पर सूर्य को ग्रहण लगा था. ये ग्रहण भारत में नजर नहीं आया था. ऐसे में सूर्य ग्रहण का सूतक काल भी देश में नहीं माना गया था.

अब फाल्गुन माह में ही चंद्र ग्रहण लगले जा रहा है. इस साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा 03 मार्च को है. इसी दिन चंद्र ग्रहण लगेगा. ये साल का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा. इस ग्रहण की अवधि 03 घंटे 27 मिनट होगी. ये ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. ये ग्रहण भारत में दिखाई देगा. ऐसे में इसका सूतक काल भी माना जााएगा. चंद्र ग्रहण के विशेष नियम धर्म शास्त्रों में बताए गए हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दौरान क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए?

चंद्र ग्रहण 2026 का समय

    चंद्र ग्रहण की शुरुआत दोपहर में 03 बजकर 20 मिनट पर होगी.
    ये चंद्र ग्रहण शाम को 06 बजकर 47 मिनट तक रहेगा.

चंद्र ग्रहण का सूतक काल

चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण लगने से 09 घंटे पहले लग जाता है. ऐसे में साल के पहले चंद्र ग्रहण का सूतक भारत में सुबह 06 बजकर 20 मिनट से शुरू हो जाएगा. फिर शाम को ग्रहण खत्म होने के साथ ही 06 बजकर 47 मिनट पर सूतक काल भी समाप्त हो जाएगा.

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें?

चंद्र ग्रहण का सूतक काल शुरू होने से पहले भगवान के मंदिर को परदे से ढंक दें. सूतक के दौरान अपने ईष्टदेव के मंत्रों का जाप करते रहें. सूतक शुरू होने से पहले खाने की चीजों में तुलसी के पत्ते डाल दें, जिससे भोजन बाद में खा सकें. ग्रहण के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन विशेष रूप से करें.

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या न करें?

ग्रहण के सूतक काल के दौरान किसी भी तरह की पूजा-पाठ न करें. चंद्र ग्रहण के समय में घर से बाहर नहीं निकलें. न नंगी आंखों से ग्रहण को देखें. सूतक काल के दौरान भोजन न बनाएं और खाएं. चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं भूलकर भी घर से न निकलें. सूतक काल में बिस्तर पर न लेटें और सोएं.

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