Vrindavan News: बांके बिहारी मंदिर में बदला प्रवेश नियम, अब सेवाधिकारी से पहले किसी को नहीं मिलेगी एंट्री

वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में प्रवेश व्यवस्था बदल दी गई है। अब सुबह 5:30 बजे केवल सेवाधिकारी को प्रवेश मिलेगा, जबकि अन्य लोगों को 6 बजे के बाद ही मंदिर में जाने की अनुमति होगी। देहरी पूजन पर रोक लगाने के फैसले से गोस्वामी समाज नाराज है। जानिए मंदिर प्रबंधन ने यह बदलाव क्यों किया।

Vrindavan News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

नवम्बर 4, 2026

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Vrindavan News: मथुरा के वृंदावन स्थित ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर में प्रवेश व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब सेवाधिकारी के मंदिर पहुंचने से पहले किसी दूसरे व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। मंदिर प्रबंधन ने अनाधिकृत प्रवेश रोकने और साफ-सफाई के साथ दूसरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए यह फैसला लिया है। हालांकि, मंदिर की इस नई व्यवस्था से गोस्वामी समाज के कुछ लोग नाराज हैं। उनका कहना है कि इससे वर्षों से चली आ रही उनकी परंपरा और दैनिक सेवा प्रभावित होगी।

बांके बिहारी मंदिर की नई व्यवस्था

बांके बिहारी मंदिर में लागू की गई नई व्यवस्था के मुताबिक, सुबह सबसे पहले सेवाधिकारी को ही मंदिर में प्रवेश मिलेगा। इसके लिए सुबह साढ़े पांच बजे का समय तय किया गया है। सेवाधिकारी के प्रवेश के बाद सुबह छह बजे से दूसरे लोगों को मंदिर में जाने की अनुमति होगी।

बांके बिहारी मंदिर की नई व्यवस्था

यानी सुबह छह बजे से पहले सेवाधिकारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को मंदिर परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा। मंदिर प्रबंधन ने शाम के समय भी इसी तरह की व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसका मकसद मंदिर के पट खुलने से पहले होने वाली भीड़ को रोकना और दर्शन की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।

देहरी पूजन पर भी रोक, गोस्वामी समाज ने जताई नाराजगी

मंदिर प्रबंधन के इस फैसले का असर गोस्वामी समाज की पुरानी परंपरा पर भी पड़ा है। नई व्यवस्था के तहत गोस्वामी समाज के लोगों द्वारा ठाकुरजी की देहरी पूजन की प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी गई है।

गोस्वामी समाज के कुछ लोगों का कहना है कि वे रोज सुबह मंदिर की परिक्रमा करते हैं। इसके बाद ठाकुरजी की देहरी पर धोक लगाकर अपनी दिनचर्या शुरू करते हैं। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। ऐसे में अब प्रवेश पर रोक लगने से उनकी रोजमर्रा की धार्मिक गतिविधियां प्रभावित होंगी। समाज के लोगों का मानना है कि मंदिर की व्यवस्था सुधारने के साथ पुरानी परंपराओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।

मंदिर प्रबंधन ने क्यों लिया प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला?

उच्चाधिकार प्राप्त प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और सेवानिवृत्त न्यायाधीश अशोक कुमार ने इस फैसले के पीछे मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की बात कही है। उनके मुताबिक, सुबह सेवाधिकारी के प्रवेश के बाद ही दूसरे लोगों को मंदिर में आने दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि मंदिर में सुबह छह बजे से पहले किसी को प्रवेश नहीं मिलेगा। केवल उस सेवायत को साढ़े पांच बजे प्रवेश दिया जाएगा, जिसकी ठाकुरजी की सेवा की जिम्मेदारी होगी। शाम को भी इसी तरह नियम लागू रहेगा। प्रबंधन का कहना है कि इस फैसले से मंदिर परिसर में सफाई और दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

बांके बिहारी मंदिर में पहले भी हो चुका है विवाद

बांके बिहारी मंदिर में व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। बीते महीने मंदिर परिसर में निजी सुरक्षाकर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच मारपीट हो गई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार पर सवाल उठने लगे थे।

बांके बिहारी मंदिर में पहले भी हो चुका है विवाद

वायरल वीडियो में निजी सुरक्षाकर्मी एक महिला श्रद्धालु और एक युवक से उलझते दिखाई दिए थे। मंदिर में रोजाना देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन व्यवस्था संभालने के लिए निजी सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। ऐसे में इस घटना के बाद श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा तेज हो गई थी।

लाइन में आगे बढ़ने को लेकर शुरू हुआ था विवाद

इस पूरे मामले पर मंदिर के सुरक्षा प्रभारी अशोक कौशिक ने बताया था कि दर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने कानपुर से आए श्रद्धालुओं को कतार में आगे बढ़ने के लिए कहा था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया। हालांकि, घटना के बाद दोनों पक्षों को समझाया गया और आपसी सहमति से समझौता करा दिया गया था।

अब मंदिर प्रबंधन ने प्रवेश व्यवस्था में नया बदलाव किया है। ऐसे में देखना होगा कि इस फैसले से मंदिर की व्यवस्थाएं कितनी बेहतर होती हैं और गोस्वामी समाज की नाराजगी को किस तरह दूर किया जाता है।

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