Baruipur Case : बरुईपुर कांड पर टीएमसी का बीजेपी पर हमला, शुभेंदु अधिकारी को लेकर गरमाई पश्चिम बंगाल की सियासत

बरुईपुर कांड को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया घमासान शुरू हो गया है। टीएमसी ने बीजेपी पर तीखे आरोप लगाए, जबकि शुभेंदु अधिकारी के समर्थन में सायोनी घोष की प्रतिक्रिया ने सियासी बहस को और तेज कर दिया। आखिर पूरा विवाद क्या है और किस बयान ने माहौल गरमा दिया, जानिए पूरी खबर।

Baruipur Case

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जुलाई 6, 2026

Baruipur Case : पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय बच्ची के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना के बाद से ही क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है। घटना के विरोध में स्थानीय लोगों का आक्रोश सड़कों पर फूट पड़ा, जिसके कारण व्यापक तोड़फोड़ और आगजनी हुई। प्रदर्शनकारियों ने बारुईपुर-जयनगर मुख्य मार्ग को घंटों जाम रखा और सियालदह-नामखाना रेल मार्ग को भी बाधित कर दिया, जिससे ट्रेनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया और एक संदिग्ध व्यक्ति को पीट-पीटकर मार डाला। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सायनी घोष का कड़ा रुख और पीड़ित परिवार को आश्वासन

इस संवेदनशील मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थानीय सांसद सायनी घोष ने सोशल मीडिया पर एक भावुक और सख्त पोस्ट साझा की है। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वे पीड़िता और उसके परिवार के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़ी हैं। सायनी ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री (विपक्ष द्वारा संदर्भित) से इस विषय पर विस्तार से बात की है और उन्हें राज्य सरकार की ओर से त्वरित कार्रवाई का आश्वासन मिला है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। सांसद के रूप में, उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव न्याय और सहायता दिलाने का वादा किया है।

कानून-व्यवस्था और भीड़ के उन्माद पर चिंता

सायोनी घोष ने अपने संबोधन में यह भी स्पष्ट किया कि एक सभ्य समाज में भीड़ द्वारा कानून को अपने हाथ में लेना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, “कानून का शासन सर्वोपरि है और हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है।” सांसद ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा कि वे बारुईपुर के एसपी (SP) के साथ निरंतर संपर्क में हैं ताकि न्याय प्रक्रिया में कोई बाधा न आए। उन्होंने लोगों से संयम बरतने का आग्रह किया ताकि प्रशासन दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कर सके।

प्रशासनिक कार्रवाई और भविष्य की दिशा

प्रशासन ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने स्वयं बच्ची के पिता से फोन पर वार्ता की है और उन्हें आगामी मंगलवार को भवानी भवन (पश्चिम बंगाल पुलिस मुख्यालय) में मिलने के लिए बुलाया है, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय का मार्ग प्रशस्त हो सके। फिलहाल, बारुईपुर के प्रभावित क्षेत्रों में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि पुनः किसी प्रकार की हिंसक घटना न हो। पुलिस ने मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। स्थानीय प्रशासन अब शांति बहाली और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि क्षेत्र में अभी भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

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